कपूरथला में स्कूलों में जांच करते अधिकारी।
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पंजाब सेफ वाहन पॉलिसी के लिए हाईकोर्ट सख्त हो गया है। हाईकोर्ट के आदेश पर चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिस व शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निजी स्कूलों की बसें जांचने के आदेश दिए गए हैं।
बुधवार को चाइल्ड प्रोटेक्शन विभाग के डिप्टी डायरेक्टर आरएस गिल के नेतृत्व में शिक्षा विभाग सेकेंडरी के डिप्टी डायरेक्टर अमरीश शुक्ला व गुरप्यार सिंह, जिला चाइल्ड प्रोटेक्शन अधिकारी हरप्रीत संधू, चाइल्ड प्रोटेक्शन आफिसर अमनदीप कौर पर आधारित टीम ने ट्रैफिक पुलिस कपूरथला के इंचार्ज जंग बहादुर शर्मा, एजुकेशन सेल इंचार्ज कुलविंदर सिंह व एएसआई दर्शन के साथ दस निजी स्कूल बसों की जांच की। इनमें से टीम ने नौ स्कूलों की बसों के मापदंड पूरे नहीं पाए।
डिप्टी डायरेक्टर आरएस गिल ने कहा कि निजी स्कूल बसों के लिए निर्धारित मापदंड के प्रोफार्मा के साथ खेड़ा इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, आनंद पब्लिक स्कूल, प्रीता ली लेसन पब्लिक स्कूल, बावा लालवानी पब्लिक स्कूल, जीटीबी पब्लिक स्कूल, क्राइस्ट किंग कान्वेंट पब्लिक स्कूल, लिटिल एंजल पब्लिक स्कूल, जेके पब्लिक स्कूल, स्प्रिंगडेल्स पब्लिक स्कूल व सेक्रर्ड हार्ट पब्लिक स्कूल की बसों की जांच की।
इनमें से केवल स्प्रिंगडेल्स की बसें की निर्धारित मापदंड के अनुरूप पाई गईं। बाकी नौ स्कूलों के प्रबंधकों को मानकों को पूरा करने के लिए 15 दिन का समय दिया है। अगर इस समय अवधि में मापदंड पूरे नहीं हुए तो इन स्कूलों की बसों में बच्चों को घर-घर छोड़ने के लिए सड़कों पर उतरने के लिए प्रतिबंधित कर दिया जाएगा। जांच के बाद टीम ने एसएसपी राजिंदर सिंह से मुलाकात करके ट्रैफिक इंचार्ज जंग बहादुर शर्मा की पूरी टीम की सराहना की।