सिविल अस्पताल में विजिलेंस टीम ने बुधवार को छापा मारा। टीम के आने की सूचना मिलते ही एक परिवार अस्पताल में तैनात महिला डाक्टर के खिलाफ शिकायत लेकर पहुंच गया। हालांकि परिवार की शिकायत लेने बजाए आगे से सुधार का ही सुझाव दिया गया।
गौरतलब है कि बुधवार की बाद दोपहर विजिलेंस टीम में शामिल डॉक्टर रेणू सिंह, डीएसपी नवजोत सिंह व गुरदासपुर के इंस्पेक्टर गुरपाल सिंह सिविल अस्पताल में निरीक्षण के लिए पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक विजिलेंस को शिकायत मिली थी कि इमरजेंसी में काटी जाने वाली एमएलआर रिपोर्ट में लापरवाही की जा रही है।
इसके चलते टीम सीधे अस्पताल की एमरजेंसी वार्ड में पहुंची और रिकार्ड चेक किया। इंस्पेक्टर गुरपाल सिंह ने बताया कि एमएलआर रिपोर्टों में खामियां पाई गई है, जिसकी रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी।
इस दौरान गांव बाजेचक्क निवासी हरप्रीत कौर की सास रानी ने अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ जांच टीम व एसएमओ के समक्ष पेश होकर बताया कि वह 21 अगस्त को अपनी बहू तो डिलीवरी के लिए लेकर अस्पताल में आई थी। गायनी की डाक्टर ज्योति ने एक सप्ताह तक उनका यहीं पर इलाज किया।
इस दौरान जब उन्होंने अस्पताल से अपनी बहू का अल्ट्रासाउंड करवाया तो डाक्टर ने कहा कि यह अल्ट्रासाउंड सही नहीं है। आप निजी अस्पताल से करवाकर लाओ। बाद में उन्हें पता चला कि वह स्कैनिंग सेंटर डाक्टर के पति का है।
इसके बाद 30 अगस्त को उसे यह कहकर अमृतसर रेफर कर दिया कि बच्चे की धड़कन सही नहीं है। वह अमृतसर की बजाए उसे गुरदासपुर के ही एक अन्य अस्पताल में ले गए। वहां पर उनकी बहू की ठीकठाक डिलीवरी हुई और उनकी बहू व बच्चा दोनों बिलकुल ठीक हैैं।
डाक्टर ज्योति का कहना बाहर से अल्ट्रा साउंड इस लिए करवाया था, क्योंकि अस्पताल के अल्ट्रा साउंड में नाड़ू की सही स्थिति का पता नहीं चल पाता है। जब उनसे यह पूछा गया कि केवल एक खास स्कैनिंग सेंटर से ही अल्ट्रा साउंड क्यों करवाया गया तो उन्होंने कहा कि वह वहां से मरीजों को छूट दिलवा देती हैं। एसएमओ डॉ. विजय कुमार ने कहा अगर बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाए जा रहे है तो मामले की जांच की जाएगी।