रेलवे की पटरियों पर बैठे किसान
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मांगों को लेकर डीसी कार्यालयों व टोल प्लाजों पर धरने दे रही किसान मजदूर संघर्ष कमेटी ने अपने अगले आंदोलन का एलान कर दिया है। जत्थेबंदी की कोर कमेटी के फैसले के अनुसार किसान जीरा फैक्टरी के बाहर चल रहे आंदोलन का समर्थन करते हुए 11 जनवरी से राज्य भर के प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के कार्यालयों के बाहर रोष धरने देंगे। वे मांग करेंगे कि फैक्ट्रियों के मालिकों को प्रदूषित पानी भूमि के अंदर भेजने व नदियों में फेंकने से रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।
किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि जत्थेबंदी की ओर से लिए गए फैसलों के अनुसार 29 जनवरी को राज्य भर में एक बजे से लेकर तीन बजे तक रेल रोको अंदोलन चलाया जाएग। तीन घंटे रेल का चक्का जाम रखा जाएगा। 29 जनवरी 2021 को ही दिल्ली आंदोलन के दौरान आरएसएस और भाजपा के समर्थक प्रदीन खत्री ने किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के स्टेज पर हमला किया था। 29 जनवरी का रेल रोको जिला गुरदासपुर में जारी रहेगा। 15 जनवरी तक राज्य भर के सभी टोल प्लाजा टोल से मुक्त रहेंगे।
किसानों की मांग है कि किसानों को पर्याप्त मुआवजा दिए बिना भारत माला योजना के तहत जम्मू-कटरा एक्सप्रेस-वे, अमृतसर-मार्ग के लिए सरकार भूमि पर कब्जा न ले। जब तक किसानों को मौजूदा रेटों के अनुसार पैसों की अदायगी नहीं कर दी जाती। किसानों की यह भी मांग है कि बिना किसी भेदभाव के गन्ना की बकाया राशि किसानों को दी जाए और उनकी फसल की पर्ची काट कर नियमों के अनुसार ही उनका गन्ना मिलों में अनलोड किया जाए।