पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू ने पार्टी की करारी हार पर कहा कि सिद्धू के लिए गड्ढा खोदने वाले लोग 10 फुट गहरे गड्ढों में दब गए। जो बीत गया उसे जाने दीजिए। लोगों ने बदलाव के लिए आप को वोट दिया, मैं उन्हें बधाई देता हूं। अब चिंता नहीं, बल्कि 'चिंतन' किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप जो बोते हैं वही काटते हैं... यह चुनाव एक बदलाव के लिए था... लोगों ने एक महान निर्णय लिया...जनता कभी गलत नहीं होती...मैं इस बारे में गहराई से नहीं सोच रहा हूं कि लोगों ने चन्नी के चेहरे को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार के रूप में स्वीकार किया है या नहीं।
सिद्धू दंपती का तो हाल यह है कि वे किसी के साथ बात करने को तैयार नहीं। दोनों ने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर लिए हैं। उनकी कोठी के बाहर सन्नाटा छा गया और घर के बाहर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने घर के अंदर किसी को भी जाने की इजाजत नहीं दी। सिद्धू की हार का असर सिद्धू समर्थकों पर भी साफ दिखाई दे रहा है और उनमें भी अपने नेता की हार से काफी निराशा पाई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, चुनाव में कांग्रेस की हार का कारण नवजोत सिंह सिद्धू को माना जा रहा है। उन्होंने चुनाव में कांग्रेस का सीएम चेहरा बनने के लिए लंबी लड़ाई लड़ी थी। इसे लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के साथ व पार्टी के अन्य सीनियर नेताओं के साथ कशमकश चलती रही, लेकिन वे खुद को पंजाब में सीएम चेहरा बनने में कामयाब नहीं हो सके।
पीपीसीसी प्रधान सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने तो पूर्वी हलके से शिअद के उम्मीदवार बिक्रम मजीठिया के सिद्धू के सामने आने के बाद से ही हथियार डाल दिए थे। सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर उनकी बेटी राबिया सिद्धू ने उनके लिए प्रचार किया। इस दौरान ही नवजोत कौर ने मतदान से करीब तीन सप्ताह पहले 3 फरवरी को ही यह स्पष्ट कर दिया था कि अगर उनके पति चुनाव हार जाते हैं, तो वे (नवजोत सिद्धू और नवजोत कौर) अपने पुराने प्रोफेशन में लौट जाएंगे। अब चुनावों के नतीजे आ चुके हैं। इसलिए राजनीति को हमेशा के लिए अलविदा कहकर कहे मुताबिक नवजोत सिद्धू टीवी रियलिटी शो तथा नवजोत कौर डाक्टरी प्रोफेशन में लौट सकते हैं।