पंजाब व हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस संजय किशन कौल ने कहा कि लोगों को अपने छोटे मोटे झगड़े खुद ही आपसी सहमति से निपटाने चाहिए।
इससे जहां उनके विवाद जल्दी और बिना खर्च के हल हो जाएंगे वहीं अदालतों के ऊपर भी केसों का बोझ खत्म होगा। इससे न्यायालय अपने कामों को बढ़िया ढंग से कर सकेंगे। जस्टिस कौल शनिवार को अमृतसर कचहरी परिसर में स्थापित किए गए झगड़ा निवारण केंद्र का शुभारंभ करने के अवसर पर उन्होंने इस केंद्र के निर्माण के लिए जस्टिस जसबीर सिंह की ओर से निभाई गई भूमिका की भी प्रसंशा की। यह पंजाब का इस तरह का पहला झगड़ा निर्वाण केंद्र है जो अमृतसर में शुरू किया गया है।
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि इस समय तीन प्रतिशत केस ही पांच वर्षों से पुराने हैं जो जल्दी ही पूरी तरह निपटा लिए जाएंगे। झगड़ा निवारण केंद्र में पक्की लोक अदालत के अलावा दोनों पक्षों में आपसी सहमति से अदालत के बाद ही झगड़े निपटाने की व्यवस्था भी होगी।
इस केंद्र में तीन कमरे इसी काम के लिए रखे गए हैं। यहां पर माहिर वकील दोनों पक्षों में राजीनामा करने के साथ विवादों को निपटाएंगे। यहां पर पचास वालंटियर को एक ही समय पर लोगों को सुविधा देने के लिए तैयार किया जाएगा। इस केंद्र में एक पक्की लोक अदालत भी होगी।
इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एडवोकेट पीएस सेठी, सेशन जज गुरबीर सिंह, अरुण अग्रवाल, डीसी रवि भगत आदि भी मौजूद थे।