कच्चे सफाई कर्मचारी यूनियन ने ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को नियमित करने की मांग को लेकर सोमवार को शहर में रोष मार्च किया। कर्मचारी नेहरू गेट से रोष मार्च निकालते हुए सिटी रोड लक्कड़ मंडी, गांधी चैक से होते हुए नगर परिषद कार्यालय पहुंचे। यह यूनियन ने पंजाब सरकार व नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पार्षद जतिंदर कल्याण, यूनियन नेता मंगत राम, निशान ने बताया कि प्रधएश सरकार ने ठेकेदारी सिस्टम को खत्म करके राज्य के 25 हजार सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का टारगेट रखा है। इसके पंजाब के कई जिलों और तहसील स्तर पर कच्चे सफाई कर्मचारियों को नियमित कर दिया गया है। बटाला के कच्चे कर्मचारियों को नियमित नहीं किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि 1990 में बटाला शहर में 22 वार्ड थे और लगभग 400 के करीब कर्मचारी थे। 2016 में नगर काउंसिल का एरिया बढ़कर 35 वार्डों में हो गया है और पक्के सफाई कर्मचारियों की गिनती 100 के करीब रह गई है। आए दिन सफाई कर्मचारी सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
इस वक्त बटाला में 200 कच्चे सफाई कर्मी काम कर रहें हैं। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मांग है कि कर्मचारियों को नियमित किया जाए। यूनियन ने तहसीलदार को सरकार के नाम मांग पत्र दिया। इस अवसर पर विरोचन, शुभम, साजन, लक्खन, अरूण, मनी, हैपी, चेतन, मनजीत, शक्ति भट्टी, सन्नी चीदा, रोकी भट्टी, अखिल, विकास आदि मौजूद थे।
इस संबध में ईओ मनमोहन सिंह रंधावा का कहना है कि उक्त कच्चे कर्मचारी ठेकेदारों के आधीन काम करते हैं। केवल उन कर्मचारियों को पक्का किया जा सकता है जो डीसी रेट पर काम करते हैं। रंधावा ने कहा कि ठेकेदारी सिस्टम खत्म करने को लेकर नगर काउंसिल की मीटिंग में प्रस्ताव पारित करके सरकार को भेजा जाएगा। सरकार के आदेशानुसार कार्रवाई की जाएगी।