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प्रकाश पर्व: हरिमंदिर साहिब में दो लाख श्रद्धालु हुए नतमस्तक, शाम को हुई आतिशबाजी और दीपमाला, Photos

Mon, 06 Jan 2025 08:56 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर हरिमंदिर साहिब में आतिशबाजी और दीपमाला की गई। रंगबिरंगी लाइटों से गोल्डन टेंपल को सजाया गया था। लोगों ने यह मनमोहक नजारा अपने कैमरों में कैद किया। 
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हरिमंदिर साहिब में आतिशबाजी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गुरु गोबिंद सिंह के प्रकाश पर्व के मौके पर लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकते हुए अपनी श्रद्धा प्रकट की। करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने प्रकाश पर्व पर श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेका। 
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सुबह से ही श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब में पहुंचने शुरू हो गए थे। श्रद्धालुओं ने पवित्र सरोवर में स्नान किया, इलाही गुरबाणी का कीर्तन श्रवण किया और घंटों लंबी लाइनों में लगकर माथा टेकने के लिए अपनी बारी का इंतजार किया। भारी ठंड के बावजूद श्रद्धालु बढ़ी संख्या में हरिमंदिर साहिब पहुंचे।

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वहीं शाम को गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व पर हरिमंदिर साहिब में आतिशबाजी और दीपमाला की गई। रंगबिरंगी लाइटों से गोल्डन टेंपल को सजाया गया था। इसका मनमोहक नजारा लोगों ने देखा। संगत ने दीप जलाए। दरबार साहिब के पूरे परिसर में दीपमाला की गई। 



प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में श्री अकाल तख्त साहिब, गुरुद्वारा अटल राय साहिब, श्री हरिमंदिर साहिब में सुंदर जलौ सजाए गए। सोमवार की देर शाम तक श्रद्धालुओं की श्री हरिमंदिर साहिब में भीड़ बनी रही। 
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श्री हरिमंदिर साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा मंजी साहिब दीवाल हाल में विशाल गुरमति कार्यक्रम आयोजित किया गया। हजूरी रागी भाई हरपाल सिंह के जत्थे ने कीर्तन किया। अरदास भाई गुरचरन सिंह ने की। पावन हुक्म श्री हरिमंदिर साहिब के ग्रंथी ज्ञानी राजदीप सिंह ने श्रवण करवाया। 



श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह ने श्री गुरु गोबिंद सिंह के जीवन संबंधी संगत को जानकारी दी। उन्होंने संगत से गुरु गोबिंद सिंह के सिद्धांतों को अपनाते हुए उनके दिखाई मार्ग पर चलने को प्रेरित किया।



इस मौके पर ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह, ज्ञानी राजबीर सिंह, ज्ञानी बलजीत सिंह, सुरजीत सिंह, ज्ञानी परविंदरपाल सिंह, ज्ञानी केवल सिंह, भाई मनजीत सिंह, भाई अजायब सिंह अभिआसी, चरणजीत सिंह जसोवाल आदि मौजूद थे। 



शाम को श्री रहिरास साहिब के पाठ के बाद हरिमंदिर साहिब परिसर में व सरोवर के आसपास दीपमाला की गई और रात को मनमोहक आतिशबाजी की गई।
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