अमृतसर। एसजीपीसी की ओर से श्री दरबार साहिब समूह में स्थित केंद्रीय सिख अजायब घर में मंगलवार को श्री अकाल तख्त साहिब के पूर्व हेड ग्रंथी ज्ञानी भगवान सिंह और शहीद भाई दिलावर सिंह की तस्वीरें सुशोभित की गईं। एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने इन तस्वीरों से पर्दा हटाने की रस्म अदा की।
इस अवसर पर गुरबानी कीर्तन और अरदास के उपरांत एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि शहीद भाई दिलावर सिंह और सिंह साहिब ज्ञानी भगवान सिंह की सेवाओं को देखते हुए उनकी तस्वीरें केंद्रीय सिख अजायब घर में लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि शहीद भाई दिलावर सिंह ने सिखों के विरुद्ध तत्कालीन जुल्मों पर रोक लगाने के लिए शहीदी देकर मिसाल कायम की। उन्होंने कहा कि खुद की कुर्बानी देने का फैसला गुरु बख्शीश के बिना संभव नहीं। उन्होंने सिंह साहिब ज्ञानी भगवान सिंह की पंथक सेवाओं को भी कौम के लिए अहम करार दिया।
सचखंड श्री हरमंदिर साहिबि के अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी जगतार सिंह ने कहा कि कौम के लिए कुर्बानियां देने वालों और सिखी के प्रचार-प्रसार में बड़ी भूमिका निभाने वालों को कौम हमेशा याद रखती है। इसके तहत ही केंद्रीय सिख अजायब घर में ऐसी कौमी शख्सियतों की तस्वीरें स्थापित कर सम्मान दिया जाता है।
इस अवसर पर शहीद भाई दिलावर सिंह और सिंह साहिब ज्ञानी जगतार सिंह के पारिवारिक सदस्यों को एसजीपीसी प्रधान ने सिरोपा देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर पूर्व जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह, एसजीपीसी के एक्टिंग सदस्य बलविंदर सिंह वेंईपुईं, अमरजीत सिंह बंडाला, एसजीपीसी सदस्य भाई मनजीत सिंह भूराकोहना, भगवंत सिंह सियालका, अतिरिक्त सचिव प्रताप सिंह, उपसचिव कुलविंदर सिंह रमदास, बलविंदर सिंह काहलवां, शहीद दिलावर सिंह के दादा सुखदेव सिंह, उनके भाई चमकौर सिंह और सिख नेता जसबीर सिंह घुम्मन भी उपस्थित थे।
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