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ओपी सोनी: पांच बार जीते विधानसभा चुनाव, दो बार निर्दलीय विधायक बने, पढ़ें- पार्षद से डिप्टी सीएम तक का सफर

Mon, 20 Sep 2021 09:39 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

सोमवार को पंजाब को चरणजीत सिंह चन्नी के रूप में नया मुख्यमंत्री मिला। वहीं सुखजिंदर सिंह रंधावा और ओम प्रकाश सोनी ने डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ग्रहण की। ओपी सोनी अमृतसर के पहले मेयर भी रह चुके हैं। वह पांच बार विधानसभा चुनावों में जीत भी दर्ज कर चुके हैं।
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शपथ ग्रहण करते ओपी सोनी और घर में समर्थकों ने मनाया जश्न। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अमृतसर के पहले मेयर ओम प्रकाश सोनी ने सोमवार को पंजाब के डिप्टी सीएम के रूप में शपथ ली। रानी का बाग स्थित उनके आवास पर समर्थकों ने ढोल बजा जश्न मनाना शुरू किया। वर्ष 1991 में पार्षद से शुरू हुआ सोनी का राजनीतिक सफर पंजाब के उप मुख्यमंत्री तक पहुंचा तो सोनी के घर बधाई देने वालों का तांता लगने लगा। 

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डिप्टी सीएम के घर लोगों के पहुंचने पर सोनी के भतीजे और कांग्रेस पार्षद विकास सोनी ने समर्थकों का स्वागत किया और उनका मुंह मीठा करवाया। विकास सोनी ने इसे गुरुनगरी की सेवा का मेवा कहा। उन्होंने कहा कि मेयर से लेकर आज तक सोनी ने अपनी हर जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाई है। उन्होंने सोनिया गांधी, राहुल गांधी व नवजोत सिंह सिद्धू का धन्यवाद किया और कहा कि पिछले 30 साल से ईमानदारी से काम किया और आगे भी इसी तरह काम करेंगे।

उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह के विवाद के बारे में पूछे सवाल पर बताया कि यह कोई बड़ी बात नहीं। क्योंकि इस तरह के मसले हर परिवार और हर पार्टी में होते हैं, जिसे बहुत जल्द सुलझा लिया जाएगा। सोनी के घर पर कांग्रेस कार्यकर्ता देर शाम तक ढोल की थाप पर भांगड़ा डालते रहे।
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डिप्टी सीएम बनने वाले अमृतसर के दूसरे नेता
ओपी सोनी पंजाब के डिप्टी सीएम बनने वाले अमृतसर के दूसरे नेता बन गए हैं। इससे पहले बलराम दास टंडन पंजाब के डिप्टी सीएम बने थे। टंडन भी सेंट्रल हलके से भाजपा के विधायक थे, जिन्होंने 17 फरवरी 1969 से लेकर 26 मार्च 1970 तक पंजाब के डिप्टी सीएम की कमान संभाली।

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साल 1991 से शुरू हुआ सोनी का राजनीतिक सफर

ओम प्रकाश सोनी ने पहला चुनाव साल 1991 में पार्षद का लड़ा और जीत हासिल की। इसी साल अमृतसर को नगर निगम का दर्जा दिया गया और ओपी सोनी अमृतसर के पहले मेयर बने। 

पांच बार जीत चुके हैं विधानसभा चुनाव
तीन जुलाई 1957 को अमृतसर के गांव भीलोवाल में जगत मित्तर के घर जन्मे सोनी ने पहली बार विधानसभा चुनाव 1997 में लड़ा। तब कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी का गठबंधन था और सोनी ने शहर के पश्चिम विधानसभा सीट से दावेदारी पेश की। क्योंकि यह सीट कम्युनिस्ट पार्टी के पास थी तो कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया। इसके बाद वह पार्टी से गुस्सा हो गए और आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे और जीत हासिल की। साल 2002 में भी सोनी ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी।

कांग्रेस ने 2007 में पहली बार दिया था सोनी को टिकट
1997 और 2002 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम हलके से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर जीत हासिल करने वाले सोनी को कांग्रेस ने 2007 में पहली बार पार्टी का टिकट दिया था। इस बार भी जीत मिलने पर अमृतसर में उनकी स्थिति सबसे ज्यादा मजबूत हो गई। इसके बाद साल 2012 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें अमृतसर के सेंट्रल हलके से पार्टी का टिकट दिया, तब सोनी ने जीत हासिल कर ली मगर पंजाब की सत्ता शिअद-भाजपा के हाथों में आई। वर्ष 2017 में फिर से कांग्रेस ने सोनी को सेंट्रल हलके से ही पार्टी का टिकट दिया तो एक बार फिर उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनने पर पार्टी ने पहले उन्हें शिक्षा मंत्री और इसके बाद मेडिकल एजुकेशन मंत्री बनाया।
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