ओम प्रकाश सोनी ने पहला चुनाव साल 1991 में पार्षद का लड़ा और जीत हासिल की। इसी साल अमृतसर को नगर निगम का दर्जा दिया गया और ओपी सोनी अमृतसर के पहले मेयर बने।
पांच बार जीत चुके हैं विधानसभा चुनाव
तीन जुलाई 1957 को अमृतसर के गांव भीलोवाल में जगत मित्तर के घर जन्मे सोनी ने पहली बार विधानसभा चुनाव 1997 में लड़ा। तब कांग्रेस और कम्युनिस्ट पार्टी का गठबंधन था और सोनी ने शहर के पश्चिम विधानसभा सीट से दावेदारी पेश की। क्योंकि यह सीट कम्युनिस्ट पार्टी के पास थी तो कांग्रेस ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया। इसके बाद वह पार्टी से गुस्सा हो गए और आजाद उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतरे और जीत हासिल की। साल 2002 में भी सोनी ने आजाद उम्मीदवार के तौर पर जीत हासिल की थी।
कांग्रेस ने 2007 में पहली बार दिया था सोनी को टिकट
1997 और 2002 के विधानसभा चुनावों में पश्चिम हलके से आजाद उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतर जीत हासिल करने वाले सोनी को कांग्रेस ने 2007 में पहली बार पार्टी का टिकट दिया था। इस बार भी जीत मिलने पर अमृतसर में उनकी स्थिति सबसे ज्यादा मजबूत हो गई। इसके बाद साल 2012 में कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन्हें अमृतसर के सेंट्रल हलके से पार्टी का टिकट दिया, तब सोनी ने जीत हासिल कर ली मगर पंजाब की सत्ता शिअद-भाजपा के हाथों में आई। वर्ष 2017 में फिर से कांग्रेस ने सोनी को सेंट्रल हलके से ही पार्टी का टिकट दिया तो एक बार फिर उन्होंने जीत हासिल की। वर्ष 2017 में कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार बनने पर पार्टी ने पहले उन्हें शिक्षा मंत्री और इसके बाद मेडिकल एजुकेशन मंत्री बनाया।