पंथक क्षेत्रों में हो रही है पत्र की खासी चर्चा
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। अकाली दल बादल अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल द्वारा श्री अकाल तख्त पर बंद लिफाफे में दिए गए स्पष्टीकरण का मामला पंजाब की राजनीति में काफी गरमाया हुआ है। इस स्पष्टीकरण को सार्वजनिक करने की मांग की जा रही है। इस स्पष्टीकरण के बाद सुखबीर बादल के पिता दिवंगत मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का भी एक पुराना पत्र वायरल हो रहा है, जो बेअदबी की घटनाओं के बाद लिखा गया था। इसमें प्रकाश सिंह बादल ने अपने दिल का दर्द बयां किया था। इस पत्र को लेकर पंथक गलियारा में खासी चर्चा है।
प्रकाश सिंह बादल द्वारा अक्टूबर 2015 में श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को दिए गए पत्र में उन्होंने उस समय हुई बेअदबी की घटनाओं पर अपना दुख व्यक्त किया था। सितंबर 2015 में, बेअदबी की बड़ी घटनाएं हुईं। उस वक्त दोषियों को पकड़ न पाने के प्रदर्शन के लिए तत्कालीन अकाली सरकार की आलोचना काफी हुई थी। 17 अक्टूबर 2015 को दिवंगत मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका और श्री अकाल तख्त के जत्थेदार को एक पत्र सौंपा। इसमें उन्होंने लिखा था कि पंजाब का प्रशासनिक मुखिया होने के नाते मुझे इस तरह की अप्रत्याशित घटनाओं के बारे में पूरी जानकारी है। मैंने सौंपे गए कर्तव्यों का पूरी लगन और परिश्रम से पालन करने की कोशिश की है, लेकिन अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करते समय कभी-कभी कुछ ऐसा हो जाता है, जो अचानक घटित होता है। इससे आपका मन गहरी पीड़ा से गुजरता है और आप आत्मिक रूप से परेशान हो जाते हैं। इस मामले में हमारी पश्चाताप की भावना प्रबल है। ऐसे समय में वे आंतरिक पीड़ा से भी गुजर रहे हैं, ऐसी भावना के साथ, वे गुरु को नमन कर रहे हैं और प्रार्थना कर रहे हैं कि गुरु साहब शक्ति और दया प्रदान करें।