तरनतारन में अपने पिता को चिट्ठी लिखती बलजिंदर कौर व उसकी मां हरबंस कौर।
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भारत-पाक की 1971 की जंग के दौरान पाकिस्तान की ओर से कोट लखपत जेल में बंद फौजी बलविंदर सिंह को केंद्र सरकार ने मृतक घोषित कर दिया गया था व उसके परिवार को पेंशन दी जा रही है।
लेकिन परिवार की खुशी का ठिकाना उस समय नहीं रहा जब पाकिस्तान से रिहा होकर आए कुछ कैदियों ने बलविदर सिंह के जीवित होने की खबर दी।
बलविंदर सिंह की बेटी बलजिंदर कौर व उसकी पत्नी हरबंस कौर ने कहा कि उन्हें पाकिस्तान से सजा पूरी कर भारत वापस आए कई कैदियों ने बताया है कि बलविंदर सिंह 1971 की जंग में पाकिस्तान फौज ने गिरफ्तार किया था और अब वह लाहौर की कोट लखपत जेल में जिंदा है। बलविंदर सिंह की बेटी ने पंजाब व केंद्र सरकार के आगे अपने पिता की रिहाई के लिए पुकार लगाई है कि उसके पिता की जल्द से जल्द रिहाई करवाई जाए।
लोक सभा हल्का खडूर साहिब से सांसद रणजीत सिंह बहम्पुरा ने संसद में बलविंदर सिंह का मुदा भी उठाया है। बलजिंदर कौर ने बताया कि उन्हें 45 वर्ष के बाद आशा बनी है। उन्होंने विदेश मंत्रालय से भी अर्जी की कि उसे पाकिस्तान जाने के लिए जल्द से जल्द वीजा दिलाया जाए। बलजिंदर कौर ने अपने पिता बलजिंदर सिंह को पाकिस्तान को जेल कोट लखपत में चिट्ठी भेजी है। बलजिंदर कौर का जन्म उसके पिता के जंग में जाने के बाद हुआ था।