अमृतसर के पूर्वी विधानसभा हलका में चुनावी सरगर्मियां तेजी से बढ़ने लगीं हैं। मजीठिया सिद्धू पर तो सिद्धू मजीठिया पर निशाने साध रहे हैं। सिद्धू ने जब मजीठिया को हराने की बात कही, तो इसके जवाब में शुक्रवार को उन्होंने सिद्धू को एससी और हिंदु भाईचारे का विरोधी करार दे दिया। उन्होंने गुरदासपुर के पूर्व जिला प्रधान सहित कई कांग्रेसी वर्करों को शिरोमणि अकाली दल में शामिल करवाया। इस अवसर पर जिला प्रधान गुरप्रताप सिंह टिक्का और लखबीर सिंह लोधीनंगल भी मौजूद थे।
इस अवसर पर बिक्रम मजीठिया ने कहा कि ऐसा लगता है जैसे सिद्धू समाज को वर्गों में बांटना चाहते हैं। सिद्धू एससी भाईचारक सांझ के खिलाफ हैं। उनकी मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खिलाफ नफरत, वैर भावना और अनुसूचित जाति भाईचारे के खिलाफ होना सबके सामने है। सिद्धू इस बात को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे कि एससी भाईचारे का एक नेता मुख्यमंत्री बन गया है। सिद्धू ने सीनियर एससी नेता महिंदर सिंह केपी का भी विरोध इसलिए किया था। उन्होंने कहा कि हिंदू भाईचारे में इसलिए भी रोष है कि सिद्धू ने पूर्व कांग्रेस कमेटी के प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ का अपमान किया है। सिद्धू अपनी हार सामने देखकर बौखला गया है। पूर्वी हलके के विकास पर बात करते हुए मजीठिया ने कहा कि हलके में एशिया की सबसे बड़ी सब्जी मंडी है, लेकिन इसे पूरी तरह से अनदेखा किया गया। सिद्धू ने अपने 18 साल के राजनीतिक जीवन में हलके को ही अनदेखा नहीं किया बल्कि लोगों के साथ भी बुरा सलूक किया।
मजीठिया ने मुख्यमंत्री चन्नी पर बोलते हुए कहा कि गैर कानूनी माइनिंग के जरिये प्रदेश के संसाधनों की लूट करने में उनकी भूमिका के लिए उनके (चन्नी) के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि चन्नी के भांजे हनी के घर से बरामद 10 करोड़ रुपये से ज्यादा रुपया मुख्यमंत्री का ही है। हनी को तो सिर्फ पैसे इकट्ठा करने के लिए रखा गया था। ईडी को इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री चन्नी के खिलाफ भी कार्रवाई करनी चाहिए।