शहीद अजीत सिंह की तोड़ी गईं यादगार का गेट दिखाते शहीद के रिश्तेदार।
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जम्मू-कश्मीर में पाक आतंकियों से लोहा लेते हुए शहीद हुए सैनिक अजीत सिंह के गांव में बनाई गई यादगार को कुछ लोगों ने तोड़ दिया। इससे गुस्साए शहीद के परिवार ने प्रदर्शन शुरू कर दिया।
कई लोग उनके पक्ष में उतर आए। माहौल जब तनावपूर्ण हुआ तो मौके पर पुलिस फोर्स भी पहुंची। प्रथम जांच के बाद गांव के कुछ लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
तरनतारन के अधीन आते गांव कोट धर्मचंद कलां निवासी अजीत सिंह जोकि भारतीय फौज में सूबेदार थे और जम्मू-कश्मीर के पुंछ क्षेत्र में 21 सितंबर 2003 को पाक आतंकियों के साथ लोहा लेते शहीद हो गए थे। उनका सैनिक सम्मानों के साथ गांव में अंतिम संस्कार किया गया और परिवार द्वारा यादगार बनवाई गई।
हां हर वर्ष शहादत के दिन उनकी बरसी मनाई जाती है। शहीद का परिवार इस यादगार की रोजाना साफ-सफाई भी करता है। शहीद के नाम पर सरकार ने सरकारी स्कूल का नाम भी रखा गया। इस यादगार को गांव के कुछ व्यक्तियों ने तोड़ दिया। सूचना मिलते ही शहीद का बेटा गुरसेवक सिंह, लड़की कंवलजीत कौर ने विरोध करते हुए यादगार वाले स्थान पर प्रशासन के खिलाफ धरना देनेे वाले आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
थाना झब्बाल के प्रभारी सुखबीर सिंह एवं ड्यूटी अधिकारी हरनेक सिंह पुलिस पार्टी सहित मौके पर पहुंचे और शहीद अजीत सिंह के बेटे गुरसेवक सिंह के बयान पर यादगार तोड़ने वाले महिंदर सिंह, उसके बेटे कर्मजीत सिंह के अलावा दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।