पत्रकारों से बातचीत करते एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी।
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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने मोहम्मद मुस्तफा की ओर से श्री गुरुग्रंथ साहिब जी को किताब कहने की सख्त शब्दों में निंदा की और सिख कौम से माफी मांगने को कहा है। उन्होंने कहा कि श्री गुरुग्रंथ साहिब जी पूरी मानवता के अध्यात्मिक गुरु हैं।
धामी ने कहा कि दसवें पातशाह श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने ज्योति जोत के समाने से पहले श्री गुरुग्रंथ साहिब जी को गुरतागद्दी देकर सिख कौम को श्री गुरुग्रंथ साहिब की शरण में ले गए थे। उन्होंने कहा कि श्री गुरुग्रंथ साहिब जी के अंदर सिख कौम की श्रद्धा है, जिसमें दर्ज गुरबाणी से नेतृत्व लेकर सिख अपना जीवन जीते हैं।
जोत श्री गुरुग्रंथ साहिब जी को किताब कहना मोहम्मद मुस्तफा की छोटी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि उनके इस बयान से सिख भावनाओं को ठेस पहुंची है। एसजीपीसी प्रधान ने कहा कि मोहम्मद मुस्तफा खुलेआम माफी मांगें, अगर ऐसा नहीं करते तो उनके खिलाफ कानूनी कदम उठाया जाएगा।
पहले दिया था विवादित बयान
इससे पहले भी मोहम्मद मुस्तफा एक वीडियो को लेकर विवादों में रहे हैं। वायरल वीडियो में मोहम्मद मुस्तफा यह कहते हुए दिखाई दे रहे हैं कि ‘मैं अल्लाह की कसम खाकर कहता हूं कि इनका कोई जलसा नहीं होने दूंगा। मैं कौमी फौजी हूं और आरएसएस का एजेंट नहीं हूं, जो डरकर घर में घुस जाऊंगा। अगर दोबारा इन्होंने ऐसी हरकत की तो खुदा की कसम घर में घुस कर मारूंगा। मैं आज सिर्फ वार्निंग दे रहा हूं। मैं वोटों के लिए नहीं लड़ रहा, बल्कि कौम के लिए लड़ रहा हूं। मैं पुलिस और प्रशासन को यह बता देना चाहता हूं कि अगर फिर से ऐसी हरकत हुई और मेरे जलसे के बराबर में हिंदुओं को जलसे की इजाजत दी गई तो ऐसे हालात पैदा करूंगा कि संभालना मुश्किल हो जाएगा।’