पाकिस्तान के गुजरांवाला में महाराजा रणजीत सिंह की हवेली में अब सब्जियां बेची जाएगी। भू-माफिया ने हवेली के अगले हिस्से में मार्केट बनाकर दुकानों की सार्वजनिक तौर पर बिक्री भी कर दी है और पाकिस्तान सरकार ने इससे आंखें मूंद ली हैं।
वहीं भारत सरकार ने भी इस बाबत कोई कदम नहीं उठाया है। यह जानकारी इतिहास के शोधकर्ता सुरेंद्र कोछड़ ने दी। कोछड़ ने शनिवार को हवेली की मौजूदा स्थिति की कुछ तस्वीरें भी जारी कीं।
उन्होंने बताया कि उन्होंने पाकिस्तानी भू-माफिया द्वारा हवेली के शेष बचे हिस्से पर पुन: कब्जा करने के प्रयासों के संबंध में भारत सरकार और एसजीपीसी को भी अवगत कराया था, लेकिन इस संबंध में भारत की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कोछड़ ने बताया कि 10 जनवरी, 2012 को पाकिस्तानी भू-माफिया ने प्लाजा बनाने के उद्देश्य से इस विरासती हवेली को गिराने की काम शुरू कर दिया था।
समय रहते भारतीय मीडिया के सहयोग से मामला पाकिस्तान सरकार के समक्ष लाया गया तो हवेली का एक बड़ा हिस्सा तो गिराए जाने से बचा लिया गया, लेकिन भू-माफिया के लोग हवेली का आगे का हिस्सा गिराने में कामयाब हो गए थे।
कोछड़ ने बताया कि उस समय पाकिस्तान औकाफ बोर्ड के सचिव फराज अब्बास ने दावा किया था कि हवेली में नवनिर्माण के लिए तोड़फोड़ की गई है। लेकिन बोर्ड के सीनियर सदस्य एडवोकेट शेख अजहर एहसान ने एक माह बाद ही यह स्वीकार किया कि भू-माफिया ने कब्जे के इरादे से हवेली को गिराया है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि पाकिस्तान सरकार क्षतिग्रस्त हिस्से का नवनिर्माण करवाएगी।
पाकिस्तान औकाफ बोर्ड ने की निंदा
पाकिस्तान औकाफ बोर्ड ने अब महाराजा की विरासती हवेली में नवनिर्माण के नाम पर दुकानें बनाए जाने की कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए कहा है कि अगर समय रहते भारत सरकार ने इस संबंध में पाकिस्तान से ठोस बातचीत की होती तो विरासती धरोहर को नुकसान से बचाया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि गुजरांवाला की पुरानी सब्जी मंडी में मौजूद उक्त हवेली में बनी मार्केट को हटाने के लिए भारत सरकार को पाकिस्तान से बातचीत करनी चाहिए। बोर्ड ने कहा है कि हवेली के पिछले हिस्से में अवैध रूप से शुरू पार्किंग हटाने के साथ-साथ महाराजा रणजीत सिंह के जन्म स्थान को नशेड़ियों और जुआरियों से मुक्त कराना भी जरूरी है।