फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब में अग्निपथ का विरोध: कई जिलों में किसान सड़कों पर उतरे, केंद्र सरकार का पुतला फूंका, बड़े आंदोलन की चेतावनी दी

Fri, 24 Jun 2022 10:49 AM IST
निवेदिता वर्मा संवाद न्यूज एजेंसी, पठानकोट/अबोहर/जालंधर/बठिंडा/अमृतसर (पंजाब)

सार

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पंजाब के युवा केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना से सहमत नहीं हैं। सरकार पुलिस और अर्धसैनिक बल को प्राइवेट और निजी हाथों में देने की योजना बना रही है, जिसे किसान लागू नहीं होने देंगे।
विज्ञापन
अमृतसर में अग्निपथ योजना का विरोध। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

केंद्र की ‘अग्निपथ’ योजना का विपक्षी दलों के अलावा अब किसानों ने भी विरोध करना शुरू कर दिया है। शुक्रवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान संगठन भी आ गए हैं। पठानकोट में 23 किसान संगठनों ने रोष मार्च निकाला। इस दौरान किसान संगठनों ने पहले मलिकपुर में धरना दिया। रोष मार्च निकाल डीसी दफ्तर पहुंचे और वहां राष्ट्रपति के नाम मांग पत्र सौंपा। 

विज्ञापन


किसान वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार ने भारतीय सेना में भर्ती की पुरानी व्यवस्था को समाप्त करके ‘अग्निपथ’ नामक जो नई योजना शुरू की है इसमें कई बड़े और दूरगामी बदलाव किए गए हैं। इससे सेना में स्थायी नौकरी के लिए कर्मियों की सीधी भर्ती रोक दी गई है। किसान नेताओं ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से इस योजना की राष्ट्रव्यापी चर्चा ने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक बड़ा झटका है।

विज्ञापन


अगर यह योजना अपने वर्तमान स्वरूप में लागू की जाती है तो हमारे सशस्त्र बलों की ताकत अगले 15 वर्षों में आधी या उससे कम हो जाएगी। सरकार अपना सारा पैसा दिखावे की परियोजनाओं पर खर्च कर रही है और सैनिकों के वेतन और पेंशन में कटौती कर रही है। किसानों ने कहा कि पूर्व सैन्य जनरल, अधिकारियों, परमवीर चक्र और सैन्य विशेषज्ञों जैसे वीरता पदक विजेताओं ने इस योजना के गंभीर परिणामों की चेतावनी दी है लेकिन सरकार की ओर से कोई जवाब नहीं आया। 

Trending Videos

अबोहर में भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहा ने शुक्रवार को एसडीएम आफिस के बाहर धरना लगाया गया और बाद में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। वहीं जालंधर के डीसी आफिस के बाहर किसान संगठनों ने इस योजना के विरोध में जमकर प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री का पुतला भी फूंका। इसके अलावा उन्होंने डीसी को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। किसानों ने योजना न रद्द करने पर आंदोलन की चेतावनी भी दी।

बठिंडा में किसान मोर्चे में शामिल सभी किसान संगठनों ने एडीसी के जरिये राष्ट्रपति के नाम एक मांग पत्र भेजा। इससे पहले जब जिला प्रशासनिक अधिकारी किसानों से मांग पत्र लेने नहीं पहुंचे तो किसानों ने हनुमान चौक पर जाम लगा दिया लेकिन जैसे ही एडीसी ने मांग पत्र किसानों से हासिल किया तो किसानों ने जाम खोल दिया।



मुक्तसर में फूंका केंद्र सरकार का पुतला
अग्निपथ योजना के विरोध में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) ने शुक्रवार को मिनी सचिवालय के समक्ष रोष प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सचिवालय के गेट पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका और जमकर नारेबाजी की। अग्निपथ योजना के वापस न होने तक नेताओं ने किसान आंदोलन की तर्ज पर लगातार संघर्ष जारी रखने की घोषणा की। 
विज्ञापन

किसान नेताओं ने एसडीएम स्वर्णजीत कौर को केंद्र सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी किसान पहले मिनी सचिवालय के निकट स्थित मुक्त-ए-मीनार पार्क में जुटे, जहां से वे मार्च करते हुए मिनी सचिवालय के गेट पर पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष सुखदेव सिंह बूड़ा गुज्जर ने कहा कि चार साल सेना में नौकरी करने के बाद परिवार का पालन-पोषण नहीं किया जा सकता। दरअसल, केंद्र सरकार की इस योजना का संकेत यह है कि वह सेना को भी निजी हाथों में सौंपने जा रही है। अगर यह योजना निजी हाथों में चली गई तो इससे पूरे देश की सुरक्षा के लिए खतरा खड़ा हो जाएगा। 



अमृतसर में भी योजना का विरोध
केंद्र सरकार की अग्निपथ योजना के विरोध में शुक्रवार को किसान संघर्ष कमेटी पंजाब की ओर से अमृतसर में गोल्डन गेट के पास प्रदर्शन किया गया। किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला भी फूंका। 

प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए किसान नेता दविंदर सिंह, बलबीर सिंह, हरजीत सिंह और नरेंद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार अग्निपथ योजना को लागू करके युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पंजाब के युवा, पंजाब के लोग सरकार की इस योजना के साथ सहमत नहीं हैं क्योंकि 4 वर्ष रोजगार के बाद युवा पूरी तरह बेरोजगार हो जाएंगे। इसको सहन नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार की ओर से पुलिस और अर्धसैनिक बल को प्राइवेट और निजी हाथों में देने की योजनाओं को किसान लागू नहीं होने देंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें