दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भाजपा और आरएसएस दलित आरक्षण को खत्म करने की साजिश रच रही है। केजरीवाल सोमवार को फगवाड़ा में दलित सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।
दलित बहुल दोआबा में केजरीवाल ने कहा कि हम मरते मर जाएंगे पर दलित भाइयों का आरक्षण किसी कीमत पर खत्म नहीं होने देंगे। केजरीवाल अपने तय कार्यक्रम से करीब साढ़े तीन घंटे लेट पहुंचे लेकिन लोग उन्हें सुनने के लिए बैठे रहे।
जो बोले सो निहाल के साथ अपना संबोधन शुरू करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आरक्षण खत्म करने का कोई कारण समझ नहीं आता जबकि देश में दलितों की स्थिति में सुधार नहीं हो सका है। उन्होंने कहा कि अगर पंजाब में आप की सरकार बनी तो दलित उत्थान के लिए गंभीरता से प्रयास किए जाएंगे, क्योंकि दिल्ली में 90 फीसदी दलित समाज ने आप में विश्वास प्रकट किया है।
केजरीवाल ने कहा कि अबोहर में भीम के हाथ पांव काटकर सिर्फ इसलिए कत्ल कर दिया गया कि वह गुलामी की जंजीर तोड़ कर अपना कारोबार शुरू करना चाहता था जो अकाली नेताओं को मंजूर नहीं हुआ। इसी तर्ज पर आप के दो समर्थकों का लुधियाना में कत्ल कर दिया गया। आप की सरकार बनते ही इन तमाम ज्यादतियों की जांच के लिए एसआईटी बना कर दलितों को न्याय दिलाया जाएगा।
केजरीवाल ने पंजाब के लिए दलित एजेंडे पर बोलते हुए कहा कि शिक्षा का स्तर बढ़ाकर सबको समान रुप से आगे बढ़ने का अवसर प्रदान किया जाएगा। पांच साल में शिक्षा ढांचे में इस तरह दिल्ली की तर्ज पर तब्दीली लाई जाएगी ताकि दलितों के बच्चे प्रतिस्पर्धा में आगे आ सकें।
केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली में शिक्षा बजट को बढ़ाकर दस हजार करोड़ किया गया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में एमसीडी पर शासित भाजपाई सफाई सेवकों के वेतन का पैसा हड़प रहे थे, जिसको बचाने के लिए दिल्ली सरकार ने सीधे पांच सौ करोड़ निकालकर उनको वेतन दिया। केजरीवाल ने कहा कि आप एक फक्कड़ पार्टी है और पंजाब के लोगों को तन-मन-धन से सहयोग देकर अपने भविष्य को बदलने के लिए डोर टू डोर जाकर समर्थन जुटाना होगा।
आप के प्रदेश संयोजक सुच्चा सिंह छोटेपुर, सांसद भगवंत मान, साधु सिंह और आप नेता गुरप्रीत घुग्गी, एससीबीसी सेल के प्रदेशाध्यक्ष देव मान ने भी समर्थन की अपील की। दलित नेताओं ने केजरीवाल द्वारा दोआबा में बाबू कांशी राम के नाम पर कौशल यूनिवर्सिटी खोलने के वायदे की सराहना की। बाबू कांशीराम के भतीजे लखबीर सिंह ने भी सम्मेलन को संबोधित किया।