उन्होंने बताया कि गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के दर्शनों के लिए दुनिया के विभिन्न हिस्सों से 10 हजार से अधिक सिख यात्रियों को समायोजित करने के लिए करतारपुर कॉरिडोर कॉम्प्लेक्स में एक टेंट विलेज की स्थापना की गई है। यह सभी सुविधाओं से लैस है। इसके अलावा, परिसर के अंदर स्थापित लंगर भवन में लगभग 2,500 तीर्थयात्रियों को एक साथ लंगर छकाने की क्षमता है।
भारत से आने वाले 5,000 सिख तीर्थयात्रियों को एक दिवसीय पास जारी किया जाएगा, जिन्हें अपनी यात्रा के लिए प्रवेश के रूप में प्रति श्रद्धालु 20 डालर का भुगतान करने के बाद दो कूपन मिलेंगे। गुरुद्वारा परिसर में संग्रहालय परिसर भी स्थापित किया गया है जहां सिख समुदाय के धर्मगुरुओं के चित्र प्रदर्शित किए जाएंगे।
गुरुद्वारा परिसर की सफाई का काम युद्ध स्तर पर
पाकिस्तान सरकार ने 9 नवंबर को करतारपुर कॉरिडोर के उद्घाटन समारोह के लिए अंतिम तैयारियां युद्धस्तर पर शुरू कर दी है। गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब के मुख्य भवन परिसर में साढ़े तीन लाख वर्ग फुट संगमरमर की धुलाई का काम शुरू कर दिया गया है। गुरुद्वारा परिसर से कुछ दूरी पर एक बड़ा बैलून लगाया गया है, जिस पर वेलकम लिखा है।