भंडारी पुल पर सातवें दिन बैठे जोड़ा फाटक रेल हादसा पीड़ित परिवार
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कैप्टन साब! मेरे स्कूल जाने का प्रबंध करो। मेरी मां को नौकरी दो ताकि वह मेरा पालन अच्छे से कर सके। यह शब्द जौड़ा फाटक रेल हादसे में मारे गए एक व्यक्ति की चार साल की बेटी के हैं। रेल हादसा पीड़ितों ने रविवार शाम को अपनी मांगों के लिए एक बार फिर सरकार तक आवाज पहुंचाने के लिए भंडारी पुल से शहर के कई बाजारों में रोष मार्च निकाला। चार वर्ष की यह बच्ची इस प्रदर्शन में सबसे आगे अपनी मां के साथ कैप्टन सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए नारेबाजी कर रही थी।
प्रदर्शन में में शामिल इस सबसे छोटी बच्ची से पूछा गया कि उसने हादसे में किसको खोया, तो बच्ची ने कहा पापा। मेरी मां ने मुझे स्कूल तो भेजा है, लेकिन यदि मां को नौकरी न मिली तो मेरी पढ़ाई बीच में ही छूट जाएगी। बच्ची की साथ खड़ी उसकी मां ने कहा कि बीते एक हफ्ते से हादसा पीड़ित परिवार भंडारी पुल पर अपनी मांगों की पूर्ति के लिए बैठे हैं। बारिश, कोहरे और कड़ाके की ठंड में भी धरना लगाए बैठे पीड़ितों से मिलने के लिए न कोई मंत्री आया और न ही कोई जिला प्रशासन का अधिकारी उनसे बातचीत करने के लिए पहुंचा।
एक अन्य पीड़ित परिवार के सदस्य ने कहा कि जब यह हादसा हुआ था, तब तत्कालीन मंत्री नवजोत सिद्धू सहित कैप्टन अमरिंदर ने भी नौकरी देने का वादा किया था। साथ ही पीड़ित परिवारों की पेंशन देने और बच्चों की शिक्षा का प्रबंध करने व छोटे बच्चों को गोद लेने का वादा किया था। सरकार अपने किए वादों से भाग रही है। हादसे की बाद पीड़ित परिवारों ने सरकार से उक्त मांगे नहीं की थी। सरकार ने उनसे वादे किए थे। अब सरकार क्यों भाग रही है। हादसे में एक वर्ष से अधिक का समय बीत चुका है। सरकार गूंगी बन बैठी हुई है। अब वह मंत्री कहां गए जो बड़े-बड़े वादे कर रहे थे। शहर के कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन करने के बाद पीड़ित परिवार भंडारी पुल पर बैठ गए।
मेरे बेटे के अंगों को बेचा गया: नंद किशोर
इस रोष प्रदर्शन में शामिल नंद किशोर ने इस हादसे में अपने बेटे को खोया है। सरकार की अनदेखी से नाराज नंद किशोर ने कहा कि हादसे ने मेरे बुढ़ापे की लाठी छीन ली है। सरकार ने मेरे बेटे की मौत की पांच लाख की कीमत लगाई है। सरकार उनके साथ किए वादे को क्यों नहीं पूरा कर रही है। छलकी आंखों से नंद किशोर ने आरोप लगाया कि पोस्टमार्टम के दौरान उसके बेटे के अंगों को निकालकर बेच दिया गया। हादसे के बाद से इस प्रकार का यह पहला आरोप है।