खुरालगढ़ में मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के घेराव करने जा रहे 200 कांग्रेसियों को पुलिस ने पंजाब प्रदेश कांग्रेस सेवा दल के कन्वीनर एडवोकेट पंकज कृपाल के घर पर नजरबंद कर दिया। कांग्रेसी कार्यकर्ता पंकज कृपाल के नेतृत्व में होशियारपुर के कांग्रेस सेवा दल के मुख्य संगठक चौ. बलविंदर सिंह बिट्टू, होशियारपुर यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष एडवोकेट रोहित जोशी के साथ मुख्यमंत्री का घेराव करने जा रहे थे।
सुबह से ही पंकज कृपाल के घर को पुलिस ने चारों तरफ से घेर लिया था। जैसे ही कांग्रेसी मुख्यमंत्री बादल के घेराव के लिए निकलने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस दौरान पुलिस के साथ उनकी तीखी नोक-झोंक भी हुई। कार्यकर्ताओं ने अकाली-भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भारी संख्या में मौजूद पुलिस ने उन्हें घर से बाहर नहीं निकलने दिया।
इस दौरान पंकज कृपाल ने कहा कि चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री से सवाल पूछने का सबको अधिकार है, लेकिन पुलिस उन्हें रोक रही है। कांग्रेस सेवा दल के कार्यकर्ता ऐसी हरकतों से डरने वाले नहीं हैं। पुलिस के सहारे लोगों को नजरबंद कर मुख्यमंत्री बादल जवाबदेही से बच नहीं सकते।
न्होंने कहा कि गुरु रविदास की धरती पर पांच वर्ष के कार्यकाल में कोई विकास कार्य क्यों नहीं करवाया गया। उन्होंने कहा कि बादल को यह भी बताना पड़ेगा कि चार लाख वाली जमीन 26 लाख में खरीद कर ढाई करोड़ रुपये का घोटाला करने का जिम्मेदार कौन है। उन्होंने कहा कि खुरालगढ़ में दलितों की जमीन मुफ्त और स्वर्ण जातियों को 26 लाख प्रति एकड़ क्यों दिया गया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने मीनार-ए-बेगमपुरा के लिए खरीदी जमीन में ढाई करोड़ रुपये के घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की मांग न मानी तो वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। पुलिस ने बाद में पंकज कृपाल, चौ. बलविंदर सिंह बिट्टू, एडवोकेट रोहित जोशी को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया।
स दौरान पलविंदर चोपड़ा, जगतार सिंह साधोवाल, हरप्रीत सिंह एडवोकेट, संजीव कालिया एडवोकेट, बलवीर सिंह, मदन लाल बिहाला, रानी भट्टी, रविंदर बब्बू वत्रा, मेजर नसरां, राजेश कुमार बोड़ा, सुखविंदर सोढ़ी, संदीप अहीर, रमन लाखा, रिंका बिल्ड़ों, तरसेम कोट, मोहम्द शफी सब्बा, अश्विनी शीला, जग्गी और बिंदु दूगरी मौजूद थे।