केंद्र सरकार ने श्री ननकाना साहिब के शताब्दी समारोह में शामिल होने के लिए पाकिस्तान जाने वाले जत्थे पर रोक लगा दी है। जत्थे के जाने से 12 घंटे पहले केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एसजीपीसी को पत्र लिखकर सूचित किया कि सुरक्षा के मद्देनजर इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती। एसजीपीसी अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने केंद्र सरकार के इस फैसले को सिख विरोधी बताया है।
एसजीपीसी और दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सहित कई सिख संगठन एक हजार सिख श्रद्धालुओं को 18 फरवरी को पाकिस्तान भेज रहे थे। बीबी जागीर कौर ने कहा कि जब देश-विदेश से आए श्रद्धालु पाकिस्तान जाने के लिए एसजीपीसी मुख्यालय पहुंच चुके हैं, ऐसे में जत्थे पर पाबंदी लगाना केंद्र सरकार की सिख विरोधी भावना को प्रकट करता है।
गृह मंत्रालय ने पत्र में लिखा है कि कोरोना वायरस के कारण मार्च 2020 से अटारी सड़क सीमा से पाकिस्तान आने-जाने पर रोक लगाई गई है।
इस पर बीबी जागीर कौर ने कहा कि केंद्र सरकार को जत्था रोकने का यह तर्क न्यायसंगत नहीं है। केंद्र सरकार भूल गई है कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर श्रद्धालुओं का जत्था गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के दर्शन करने गया था। जब नवंबर में श्रद्धालुओं को खतरा नहीं था तो अब कैसे हो सकता है।
बीबी जागीर कौर के अनुसार पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं कोई खतरा हो सकता है तो इस बात की जानकारी पहले क्यों नहीं दी गई, जब एसजीपीसी इसकी तैयारी कर रही थी। पाकिस्तानी दूतावास ने केंद्र सरकार की सिफारिश पर ही वीजा जारी किए थे। एसजीपीसी ने पाकिस्तान जाने वाले श्रद्धालुओं को उनके वीजा और पासपोर्ट भी जारी कर दिए थे। केंद्र सरकार का यह फैसला आहत करने वाला है।