दृष्टिहीन मासूम के साथ उसके दादा ने क्रूरता की हदें पार कर दी। दादा ने पोते के हाथ-पैर रस्सी से बांधे और उसे लेकर रेहड़ी पर बिठाया और चल पड़ा। बच्चा चीखता-चिल्लाता रहा। जोर-जोर से रो रहे बच्चे को रेहड़ी पर इस हाल में देख लोगों ने रेहड़ी रुकवाई और बच्चे की रस्सी खुलवाई। घटना पंजाब के अमृतसर की है।
अमृतसर के लोहगढ़ इलाके में दृष्टिहीन पोते को रस्सी और संगलियों से बांधकर स्कूल ले जा रहे दादा को रास्ते में लोगों ने पकड़ लिया। लोगों ने बच्चे को उसके चंगुल से छुड़वाया। इसके बाद लोगों ने पुलिस को सूचित किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ओर से दादा से लिखित आश्वासन लेने के बाद उसे छोड़ दिया गया। दादा ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए कहा कि वह दोबारा कभी ऐसा नहीं करेगा।
जानकारी मुताबिक लोहगढ़ इलाके में एक परिवार रहता है। उनका 8 साल का बच्चा देख नहीं सकता। पिछले कई दिनों से वह स्कूल नहीं जा रहा तो सोमवार को उसके दादा ने अपनी रेहड़ी पर बिठाया और हाथ-पैर रस्सी व संगलियों के साथ बांध दिए। इसके बाद वह रेहड़ी चलाते हुए उसे स्कूल ले जाने लगा। रास्ते में बच्चा जोर-जोर से चिल्लाता रहा और रोता रहा। उसे देखकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए और तुरंत बच्चे को छुड़वाया।
इस दौरान पुलिस मौके पर पहुंची तो दादा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि बच्चा पिछले तीन महीनों से स्कूल नहीं जा रहा था और बार-बार कहने पर बहाने बनाता था। लेकिन पुलिस की ओर से बच्चे को दादा को समझाया और साथ ही चेतावनी भी दी कि अगर दोबारा ऐसा किया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।