कोरोना मुक्त होने के पांच दिन बाद ही पठानकोट में दो व्यक्ति संक्रमित मिले हैं। इनमें से एक व्यक्ति दुबई से लौटा है और उसे श्री साईं कॉलेज बधानी में क्वारंटीन किया गया था। जबकि, दूसरा व्यक्ति ढांगू रोड का रहने वाला है और फास्ट फूड का काम करता था। हालांकि फास्ट फूड कॉनर्र चलाने वाला व्यक्ति संक्रमित कैसे हुआ, स्वास्थ्य विभाग इस बारे में जानकारी जुटा रहा है।
वहीं, पठानकोट में कोरोना के एक्टिव केस सामने आने से लोगों में खौफ का माहौल है। डीसी पठानकोट गुरप्रीत सिंह खैरा ने बताया कि कुछ दिन पहले पठानकोट के तीन लोग विदेश से आए थे। जिन्हें प्रशासन ने अलग-अलग स्थानों पर क्वारंटीन किया था। इस दौरान उनके सैंपल लिए गए थे। उनमें से दो व्यक्तियों की रिपोर्ट निगेटिव आई। जबकि दुबई से लौटे व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है।
वहीं दूसरा व्यक्ति पठानकोट के ढांगू रोड पर फास्ट फूड का काम करता था। लॉकडाउन के बाद से उसका काम बंद है। यह व्यक्ति अब फास्ट फूड का काम शुरू करना चाहता था। वह नगर निगम गया और फास्ट फूड शुरू करने की अर्जी दी। लेकिन निगम अधिकारियों ने उसे मेडिकल करवाने को कहा।
व्यक्ति ने सिविल अस्पताल जाकर सैंपल दिया तो उसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। डीसी ने बताया कि दोनों मरीजों का इलाज सिविल अस्पताल की बजाए चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के आइसोलेशन वार्ड में किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि फास्ट फूड चलाने वाले व्यक्ति में कोरोना संक्रमण के कोई लक्षण दिखाई नहीं दिए। लेकिन उसका इलाज आइसोलेशन वार्ड में ही किया जाएगा। डीसी ने कहा कि लोग घरों में रहें और जरूरी काम के लिए निकलने पर मास्क लगाएं।