पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव के आठ सितंबर को मनाने जाने वाले विवाह पर्व के रंग में बटाला रंग गया है। विवाह पर्व को लेकर विवाह प्रबंधक कमेटी और समूह संगत में भारी जोश है। समारोह की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाबे के विवाह समारोह यहां करीब 10 लाख श्रद्धालु इकट्ठे होते हैं।
इस समारोह से संबंधित सामाजिक रस्मों रिवाज मुख्य तौर पर बटाला के विश्व प्रसिद्ध गुरुद्वारा कंध साहिब और गुरुद्वारा डेहरा साहिब में होते हैं। बाबे के ब्याह को लेकर गुरुद्वारा कंध साहिब और गुरुद्वारा डेहरा साहिब में रंग रोगन हो चुका है ।
दोनों ही गुरुद्वारों में सजावट के लिए लाइटें और गुब्बारे लगाए जा रहें हैं। महिलाएं गुरुद्वारा कंध साहिब में श्रद्धालुओं के लिए लंगर बनाने में व्यस्त है। दिन रात श्रद्धालुओं के लिए लंगर बन रहा है। गुरुद्वारा कंध साहिब में हलवाई लगाए गए हैं।
बाबे के ब्याह प्रबंधक कमेटी के मुख्य प्रबंधक और एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार गुरिंदरपाल सिंह गोरा, गुरुद्वारा कंध साहिब के मैनेजर गुरतिंदरपाल सिंह भाटिया, मास्टर जोगिंदर सिंह अचलीगेट ने बताया कि विवाह पर्व को लेकर तैयारियां लगभग पूरी हो चुकीं हैं।
श्रद्धालुओं के लिए मिठाइयों में बूंदी, शक्करपारे और जलेबी करीब 100 क्विंटल से अधिक बनवाई गई है। बाबे के ब्याह को लेकर मंगलवार को बटाला के सभी गुरुद्वारों में श्री अखंड पाठ साहिब शुरू हो गए हैं, जिनका भोग 8 सितंबर को सुबह पड़ेगा और 8 सितंबर को सुबह साढ़े सात बजे बाबे की बारात के रूप में पूरे शहर में नगर कीर्तन निकाला जाएगा।
प्रशासन भी तैयारियों में जुटा
पुलिस और सिविल प्रशासन भी तैयारियों में जुटा हुआ है। जिला प्रशासन ने नगर काउंसिल बटाला को निर्देश दिए हैं कि विवाह पर्व को लेकर शहर में साफ सफाई रखी जाए। टूटी फूटी सड़कों की मरम्मत की जा रही है।
डीसी प्रदीप सभरवाल का कहना है कि विवाह पर्व वाले दिन संगत का स्वागत करने के लिए शहर के विभिन्न मार्गों पर 6 स्वागती गेट और 500 झंडे लगाए जाएंगे। संगत की सहूलियत के लिए शहर में 9 सहायता केंद्र बनाए जा रहे हैं। इन केंद्रों में मेेडिकल टीमों और पुलिस कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।