अटारी में काम करने वाले ट्रक ऑपरेटरों को करतारपुर कॉरिडोर खुलने से उम्मीद है कि अटारी से बंद व्यापार भी खुल जाएगा। कुली निरपिंदर सिंह ने बताया कि व्यापार बंद हो जाने से उनके परिवारों के चूल्हे ठंडे पड़ चुके हैं। घर चलाने के लिए कई कुलियों ने तो अपना खेत तक गिरवी रख दिया है।
मजदूर गुरबचन सिंह ने बताया कि अटारी में काम करते करते उसकी उम्र बीत गई। पहले वह अटारी रेलवे स्टेशन पर मजदूरी करता था। जब से आईसीपी से दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू हुआ, उसके परिवार की रोटी अच्छी चल रही थी। व्यापार बंद होने से उनके परिवार की औरतें शहरों में जाकर बर्तन साफ करने का काम कर रही हैं।
अटारी सीमा पर चाय बेचने वाले जरनैल सिंह ने बताया कि जब दोनों देशों के बीच व्यापार चलता था तो ट्रक चालक उसके ग्राहक थे। अब उसे भी मंदी का सामना करना पड़ रहा है। 15 साल से बॉर्डर पर चाय बेच रहे जरनैल ने कहा कि बॉर्डर बंद होने से अब यहां ट्रक चालक नहीं आते। काम ठप हो गया है। पहले रोज 15 से 20 किलो दूध की चाय बेचता था, अब एक किलो दूध की चाय नहीं बिक रही।
पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान से होने वाले आयात में 200 फीसदी ड्यूटी बढ़ा दी थी। जिसका प्रभाव भी व्यापार पर पड़ा। भारत पाकिस्तान से सीमेंट, नमक, जिप्सम, पीओपी, कास्टिक सोडा, सोडा ऐश, कांच, ड्राई फ्रूट, खजूर और कबाड़ के टायर मंगवाता था। भारत से पाकिस्तान सोयाबीन, मुर्गीदाना, पेरिशेबल गुड्स, मसाले, कपास, ऑटोमोबाइल के पुर्जे, बिस्कुट, न्यूज प्रिंट, प्लास्टिक दाना और ताजा मीट मंगवाता था। पाकिस्तान सरकार ने तीन वर्ष पहले भारत से आने वाले टमाटर, अदरक, लहसुन का व्यापार बंद कर दिया था। इस कारण पाकिस्तान में इन पेरिशेबल आइटम की कीमतों में भारी इजाफा होता रहा है।
व्यापार बंद होने से 1500 करोड़ का नुकसान: औजला
अमृतसर के सांसद गुरजीत औजला ने दोनों देशों के बीच व्यापार शुरू करने के लिए दो दिन पहले संसद में आवाज उठाई है। औजला ने संसद में मांग की है कि पिछले समय में हुए पुलवामा हमले के बाद बंद पड़े भारत-पाकिस्तान व्यापार को तुरंत शुरू किया जाए। अटारी वाघा सीमा के माध्यम से होने वाले वार्षिक 1500 करोड़ रुपये के व्यापार के बंद होने से पांच हजार लोग सीधे तौर पर व दस हजार लोग अप्रत्यक्ष रूप में बेरोजगार हुए हैं।