डॉ. आमेर ने इस बैठक में बताया कि इस बार इंग्लैंड, अमरीका, यूरोप सहित कई देशों से सिख तीर्थ यात्री पाकिस्तान आ रहे है। इन तीर्थ यात्रियों को गुरुद्वारा श्री ननकाना साहिब के यात्री निवास के साथ-साथ स्कूलों कॉलेज में बनाए गए कैंपों में ठहराया जाएगा।
इस बैठक में पाकिस्तान सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भाई सतवंत सिंह और अन्य कार्यकारिणी सदस्यों के साथ ईटीपीबी के अधिकारियों ने श्री ननकाना साहिब स्थित गुरुद्वारा श्री मल्ल साहिब को भी संगत के लिए खोल दिया।
इस गुरुद्वारा साहिब के जीर्णोद्धार का काम बीते नौ महीनों से चल रहा था। इस गुरुद्वारा साहिब के पुराने भवन के स्वरूप के साथ कोई भी छेड़छाड़ नहीं की गई है। गुरुद्वारा परिसर में संगमरमर का काम करवाया गया है। पीएसजीपीसी सदस्यों ने मुख्य भवन में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का प्रकाश भी किया। इस अवसर पर भाई सतवंत सिंह ने ईटीपीबी के चेयरमैन और अन्य सदस्यों को सम्मानित भी किया।
डॉ. आमेर ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के निर्देश के बाद गुरुद्वारा साहिब की जमीन में एक-एक कॉलेज और अस्पताल खोलने के बारे में जल्दी ही एक बैठक की जाएगी। बता दें कि इमरान खान ने सोमवार को श्री ननकाना साहिब में बाबा नानक यूनिवर्सिटी का नींव पत्थर रखा है। इससे पहले तीन बार इस यूनिवर्सिटी का शिलापट रखा जा चुका है।