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सुखबीर की सजा पर फैसला: पांच सिंह साहिबान की बैठक, तनखइया बादल समेत अन्य नेताओं को सुनाई जा सकती है सख्त सजा

Sun, 01 Dec 2024 08:12 PM IST
अंकेश ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल की सजा पर सोमवार को फैसला हो सकता है। श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को पांच सिंह साहिबान की विशेष बैठक होगी। इस बैठक में सुखबीर की सजा पर फैसला होगा।
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सुखबीर बादल - फोटो : X @officeofssbadal
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विस्तार
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श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से तनखाइया घोषित किए गए शिरोमणि अकाली दल (शिअद) बादल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की धार्मिक सजा पर सोमवार को फैसला हो सकता है। दो दिसंबर को श्री अकाल तख्त साहिब में पांच सिंह साहिबान की विशेष बैठक होने जा रही है। 

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बैठक में सुखबीर बादल समेत 17 पूर्व अकाली अकाली मंत्रियों, एसजीपीसी कार्यकारिणी के पूर्व सदस्यों समेत विभिन्न अकाली नेताओं को पांच सिंह साहिबान सख्त धार्मिक सजा सुना सकते है। इस को लेकर पांच तख्त साहिबों के पांच सिंह साहिबान की बैठक अकाल तख्त साहिब पर हो रही है। बैठक दोपहर एक बजे शुरू होगी। इस बैठक में लिए गए फैसला अकाली दल और अकाली दल बादल के नेताओं के राजनीतिक व पंथक भविष्य को तय करेंगे। 

श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी रघबीर सिंह की अगुवाई में होने वाली इस बैठक में तख्त साहिबों के तीन जत्थेदारों के स्पष्टीकरण भी विचार चर्चा होगी। पंथक क्षेत्रों में चर्चा है कि पांच सिंह साहिबान सुखबीर बादल समेत विभिन्न अकाली नेताओं को सख्त धार्मिक सजा सुनाने के साथ साथ कुछ नेताओं के राजनीतिक गतिविधियों पर कुछ समय के लिए रोक भी लगा सकते हैं। यह भी चर्चा है कि सिंह साहिबान इस दौरान अकाली दल की एकता को लेकर अलग अलग ग्रुपों को एकजुट होने के आदेश भी जारी कर सकते हैं और इस संबंधी कोई तालमेल कमेटी का भी गठन किया जा सकता है।
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यह भी चर्चा है कि सभी अकाल ग्रुपों को अकाल तख्त साहिब की अगुवाई में अकाली दल का पुनर्गठन करने का भी आह्वान किया जा सकता है। वहीं अलग-अलग सिख संगठनों की तरफ से श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय में गत दिवस दिए गए मांगपत्रों में अपील की गई है कि सुखबीर प्रकारण एक पंथ का गंभीर व सब से बड़ा मामला है। इस प्रकारण में किसी भी दोषी को कम या नरम धार्मिक सजा नहीं मिलनी चाहिए। क्योंकि यह मामला पंथ के भविष्य व श्री गुरु ग्रंथ साहिब की गरिमा के साथ जुड़ा हुआ है। इसलिए धार्मिक सजा ऐसी होनी चाहिए कि कोई भी सिख संगठन व उसका नेता भविष्य में कभी इस अगर इस तरह की गलती करने की हिम्मत करे को वह श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मिलने वाली सख्त धार्मिक सजा को याद कर भविष्य में किसी भी तरह का कोई धार्मिक व पंथक अपराध करना सोचना ही छोड़ दे।

दर्जनों संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुखबीर बादल व अन्य आरोपी अकाली नेताओं को कठोर धार्मिक अथवा राजनीतिक दंड देने के पक्ष में मांग पत्र सचिवालय के कर्मियों को सौंपे कर सिंह साहिब से बड़ी आशा प्रगट की है।

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