जिले में स्कैन सेंटरों की ओर से एचआर-सीटी स्कैन चेस्ट के रेट सरकार ने दो हजार रुपये निर्धारित कर दिए थे, इसके बावजूद तिब्बडी रोड स्थित सिगमा एमआरआई एवं स्कैन सेंटर में मरीजों से दोगुने से ज्यादा रेट चार्ज किए जा रहे थे। इस पर गुरदासपुर के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद इश्फाक ने सख्त रुख दिखाया है। सोमवार को एसडीएम गुरदासपुर की ओर से इस सेंटर पर औचक चेकिंग की गई तथा पाया कि उक्त सेंटर सीटी स्कैन करने के 4500 रुपये चार्ज कर रहा था। इस संबंधी एसडीएम अर्शदीप सिंह लुभाना की ओर से आदेश जारी कर उक्त सेंटर को अगले आदेशों तक पूर्ण तौर पर बंद रखने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। इस संबंधी सिविल सर्जन को भी हिदायत की गई है कि उक्त सेंटर की ओर से जो स्कैन किए गए हैं उन मरीजों की रिपोर्ट उपलब्ध करवाएं तथा वह अपने स्तर पर भी इस सेंटर का रिकार्ड चेक करें।
उक्त सारा मामला डिप्टी कमिश्नर के ध्यान में लाया गया था तथा उन्होंने इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए थे। उक्त कार्रवाई के बाद डीसी इश्फाक ने बताया कि उनका उद्देश्य किसी भी सेंटर को बंद करना नहीं है, परंतु लोगों की मजबूरी का अगर कोई फायदा उठाता है और सरकारी आदेशों की अवमानना करता है तो उसके खिलाफ सख्ती करनी ही पड़ेगी।
बताते चलें कि पंजाब सरकार की ओर से 8 मार्च 2019 को सीटी एवं एचआर-सीटी स्कैन चेस्ट के रेट निर्धारित कर दिए गए थे। परंतु सरकार के उन आदेशों को ठेंगा दिखाते हुए जिले में कुछ स्कैन सेंटर कोविड और गैर कोविड मरीजों के नाम पर मनमाने रेट लोगों से वसूल कर रहे थे।
उक्त स्कैन से ए-टिपिकल निमोनिया मरीजों की पुष्टि होती है क्योंकि कई बार मरीजों के आरटी-पीसीआर निगेटिव पाए जाते हैं परंतु उनमें कोविड के सभी लक्षण होते हैं तो उन्हें डाक्टर चेस्ट का एचआर- सीटी स्कैन करवाने के लिए कहा जाता है। सीटी स्कोर हाई होने पर उक्त मरीज का भी संदिग्ध कोविड की तरह ही इलाज किया जाता है।