फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नम आंखों से किया प्रगट की शहादत को नमन, 10 दिन पहले ग्लेशियर में पिया था शहादत का जाम

विज्ञापन
विज्ञापन
गुरदासपुर। पंजाब रेजिमेंट के शहीद सिपाही प्रगट सिंह की अंतिम अरदास पैतृक गांव दबुर्जी के गुरुद्वारा साहिब में हुई। इस दौरान प्रगट सिंह की माता सुखविंद्र कौर ने नम आंखों से कहा कि प्रगट उनका इकलौता बेटा था और भगवान से काफी मन्नतों के बाद वह पैदा हुआ। उसकी शहादत से उनका पूरा परिवार बिखर गया है। मां ने कहा कि इकलौता बेटा खोने का दुख तो बहुत है, मगर उसकी शहादत पर गर्व भी है कि बेटा देश के काम आया और शहादत से वह एक शहीद की मां कहलाने का गौरव दे गया है।
विज्ञापन

अंतिम अरदास में श्री अखंड पाठ साहिब का भोग डालते हुए रागी जत्थे ने वैरागमयी कीर्तन कर शहीद को नमन किया गया। लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व मंत्री जत्थेदार सुच्चा सिंह छोटेपुर ने कहा कि शहीद प्रगट सिंह जैसे शूरवीरों के अमिट बलिदानों के सामने समूचा राष्ट्र नतमस्तक है। उन्होंने कहा कि सरहद पर तैनात सैनिक जागता है, तभी देश चैन से सोता है। ऐसे में समूह देशवासियों का कर्तव्य है कि इनके परिजनों को उचित मान सम्मान दिया जाए।
अंतिम अरदास में पूर्व मंत्री जत्थेदार सुच्चा सिंह छोटेपुर, शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव कुंवर रविंद्र सिंह विक्की, शहीद की माता सुखविंद्र कौर, पिता प्रीतम सिंह, बहनें किरणदीप कौर व अमनदीप कौर, शहीद की यूनिट के नायब सूबेदार लखवीर सिंह, हवलदार इंद्रजीत सिंह, लेबर फैड पंजाब के चेयरमैन गुरप्रताप सिंह खुशहालपुर, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सदस्य अमरीक सिंह, कथा वाचक डॉ. शिव सिंह ने शहीद सिपाही प्रगट सिंह को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
विज्ञापन

गांव में बने शहीद की यादगार : कुंवर विक्की
कुंवर रविंद्र सिंह विक्की ने सरकार से अपील करते हुए कहा कि शहीद सिपाही प्रगट सिंह की शहादत को जिंदा रखने के लिए गांव में उनकी याद में एक गेट बनाया जाए व सरकारी स्कूल का नाम उनके नाम पर रखा जाए, ताकि युवा पीढ़ी उनके बलिदान से प्रेरणा लेकर अपने अंदर राष्ट्र पर मर मिटने का जज्बा पैदा करें। इस अवसर पर जिला रक्षा सेवाएं भलाई विभाग के फील्ड अफसर एसएम मेजर सिंह ने अपने कार्यालय की तरफ से शहीद के माता-पिता को पांच लाख की राशि का चेक भेंट किया तथा परिषद की ओर से शहीद के माता-पिता को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें