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अमृतसर में युवक के साथ बर्बरता: अगवा करने के बाद नग्न कर पीटा, वीडियो इंस्टाग्राम पर किया अपलोड, अस्पताल में मौत

Sat, 04 Dec 2021 12:30 AM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, अमृतसर (पंजाब)

सार

पंजाब के अमृतसर में एक युवक के साथ बर्बरता का मामला सामने आया है। यहां अगवा करने के बाद कुछ लोगों ने एक युवक की बेरहमी से पिटाई की। आरोपियों ने पिटाई का वीडियो इंस्टाग्राम पर भी अपलोड किया। बाद में युवक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
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जमीन पर पड़ा युवक। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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अमृतसर के लाहौरी गेट थाना क्षेत्र के अंदरूनी इलाका से युवक को अगवा कर रंजीत एवेन्यू बाईपास स्थित झाड़ियों के पास ले जाकर नग्न कर पीटने का मामला सामने आया है। बाद में युवक की मौत हो गई। करीब चार दिन पहले हुई इस घटना के बाद गंभीर हालत में युवक को अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां उसने शुक्रवार को दम तोड़ दिया। 

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युवक की मौत की सूचना के घंटो बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो परिजनों ने रोष जताया। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेने के बाद पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया है। 

जज नगर के रविंदर कुमार ने बताया कि उनका लड़का राहुल (18) 29 नवंबर की शाम घर से कपड़ों की खरीदारी करने लाहौरी गेट गया था। जहां से 12-15 युवकों ने उनके बेटे को अगवा कर पहले खाई मोहल्ला के सुनसान पार्क में ले जाकर पीटा, इसके बाद उसे गंभीर हालत में रंजीत एवेन्यू बाईपास स्थित झाड़ियों में नग्न कर फिर पीटा। अगवा करने वाले युवक गैंगस्टर हैं। आरोपियों ने पिटाई का वीडियो इंस्टाग्राम पर अपलोड किया।
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उन्होंने बताया कि 29 नवंबर की रात करीब साढ़े नौ बजे किसी का फोन आया कि उनका लड़का रंजीत एवेन्यू इलाके में झाड़ियों के पास गंभीर हालत में पड़ा है। वह तुरंत मौके पर पहुंचे और बेटे को उठाकर लाए। डी डिवीजन थाने की पुलिस को मामले की शिकायत भी दी। पुलिस ने राहुल को अस्पताल ले जाने की सलाह दी। जिसके बाद उन्होंने राहुल को श्री गुरु नानक देव जी अस्पताल में दाखिल करवा और शुक्रवार को उसने दम तोड़ दिया।

शिकायतकर्ता ने बताया कि पुलिस की भूमिका संदिग्ध रही है, पुलिस ने अभी तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं अस्पताल के डॉक्टरों की भूमिका लापरवाहीपूर्ण रही। हड़ताल के चलते राहुल का इलाज सही से नहीं हो पाया। कभी रंजीत एवेन्यू पुलिस चौकी तो कभी लाहौरी गेट थाने के चक्कर काटने पड़े। समय पर पुलिस ने कार्रवाई की होती तो आज उनके बेटे के हमलावर जेल में होते। 

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