गूगल और यू-ट्यूब से सिखा आईईडी तैयार करना
पासिया ने उन्हें कहा था कि आईईडी तैयार करने की तकनीक गूगल और यूट्यूब से हासिल की जा सकती है। पासिया के कहने पर उन्होंने इंटरनेट मीडिया से आईईडी तैयार करने की जानकारी ली थी। जबकि आईईडी तैयार करने में जो विस्फोटक लगने थे वह पासिया के ही एक करिंदे ने उन्हें घटना से कुछ दिन पहले ही दिए थे। बाद में पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड और पिस्तौल बरामद की थी।
हैप्पी पासिया पर दर्ज हैं कई मामले
इसी तरह पुलिस ने 17 दिसंबर को इस्लामाबाद थाने पर हमला करने वाले दो आतंकियों तरनतारन के छापे गांव निवासी बलजीत सिंह और डंडे गांव निवासी गुरजीत सिंह को 28 दिसंबर को काबू किया था। आरोपियों के कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, दो पिस्तौल, डेढ़ किलो हेरोइन और पांच कारतूस बरामद किए गए थे। हरप्रीत सिंह के खिलाफ अमृतसर देहात में 13 मामले दर्ज हैं। जबकि अमृतसर शहरी में 18 और तरनतारन में 22 केस दर्ज किए जा चुके हैं।
पैसों का लालच देकर बेरोजगार युवाओं को करता था टारगेट
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि हैप्पी पासिया की पाकिस्तान में छिपकर बैठे हरिंदर सिंह उर्फ रिंदा से काफी नजदीकियां हैं। रिंदा आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल का किंगपिन है। वह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के इशारे पर बेरोजगार युवकों की हैप्पी पसिया के मार्फत पहचान करवाता था। इसके बाद पैसों का लालच देकर ग्रेनेड धमाके, हेरोइन सप्लाई के कारोबार में घकेलता था।