तरनतारन में बुधवार रात कस्बा नौशहरा पन्नूआं निवासी मजदूर कुलदीप सिंह को मोटरसाइकिल सवारों ने गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया। इस घटना के पीछे गैंगवार को मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
विधान सभा हल्का पट्टी के कस्बा नौशहरा पन्नूआं निवासी कुलदीप सिंह मजदूरी करके अपने परिवार का गुजारा करता था। दो दिन पहले कुलदीप सिंह के लड़के मनप्रीत सिंह को थाना सरहाली की पुलिस ने एक हत्या मामले की रेकी करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।
बता दें कि वर्ष 2022 के दौरान थाना सरहाली पर आरपीजी हमला हुआ था। इस हमले के मुख्य साजिशकर्ता अजमीत सिंह की 11 सितंबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके ठीक 30 दिन बाद 11 अक्टूबर को अजमीत सिंह के चाचा एएसआई इकबाल सिंह को इसी कस्बे में गोलियों मारकर मौत के घाट उतार दिया गया।
इस संबंध में पुलिस द्वारा मुकदमा दर्ज करके पड़ताल शुरू की गई, जिसके दौरान पता चला कि विदेश में बैठे गैंगस्टरों द्वारा एएसआई इकबाल सिंह की हत्या के लिए मजदूर कुलदीप सिंह के लड़के मनप्रीत सिंह से रेकी करवाई थी। मनप्रीत सिंह दो दिनों से थाना सरहाली पुलिस की हिरासत में है।
मनप्रीत सिंह का पिता कुलदीप सिंह रात को अपने घर से बाल कटवाने के लिए कस्बे के अड्डे पर जा रहा था, जिस दौरान मोटरसाइकिल सवारों ने गोलियों मारकर उसकी हत्या कर दी। इस घटना से इलाके में दहशत का माहौल पैदा हो गया। सूचना मिलते ही डीएसपी रविशेर सिंह मौके पर पहुंचे। कुलदीप सिंह की लाश को कब्जे में लेकर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।