अमृतसर के छेहरटा इलाका में एक व्यक्ति ने अपने दो बच्चों के साथ नहर में कूदकर आत्महत्या कर ली। नहर में कूदने से पहले पिता ने दोनों बच्चों को परने से अपने शरीर से बांध लिया। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से 13 घंटे की तलाश के बाद तीनों शवों को नहर बाहर निकाला। हालांकि पुलिस को मरने वाले के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला।
आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका। पुलिस ने पिता और दोनों बच्चों का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिए। छेहरटा के खंडवाला इलाका निवासी पंजाब पुलिस से सेवानिवृत्त अवतार सिंह और उनकी पत्नी परमजीत कौर ने बताया कि उनका 33 वर्षीय बेटा मनदीप सिंह एक नीटिंग फैक्टरी में काम करता था।
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रविवार को छुट्टी के चलते वह छेहरटा साहिब गुरुद्वारा में सेवा करने गया। गुरुद्वारा साहिब में सेवा के बाद वह शाम करीब 6:30 बजे वापस आया। शाम करीब 7 बजे मनदीप सिंह अपने 7 वर्षीय बेटे गुरप्रीत सिंह और डेढ़ वर्षीय बेटे रोबिनजीत सिंह को साथ लेकर श्री गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के पास आइसक्रीम खाने मोटरसाइकिल से गया था।
रात नौ बजे तक घर नहीं लौटने पर परिवार के लोगों ने उसे कई बार कॉल किया लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। उन्होंने मनदीप को ढूंढना शुरू किया और उसके मोबाइल लोकेशन को ट्रैकिंग पर लगाया तो उसकी लोकेशन तारांवाले पुल के पास मिली। उन्होंने बताया कि इसके तुरंत बाद पुलिस टीम तारांवाले पुल पर पहुंची, जहां मनदीप सिंह की मोटरसाइकिल और फोन मिला।
पुलिस ने वहां पास से ही बड़े बेटे का ऐनक और चप्पलें भी बरामद कर की। पुलिस ने तुरंत गोताखोरों की टीम को मौके पर बुलाकर नहर में तलाश शुरू कर दी। देर रात तक मनदीप और उसके दोनों बेटों का कोई सुराग नहीं मिला। गोताखोरों ने 13 घंटों की तलाश के बाद मनदीप और उसके दोनों बेटों के शव बरामद कर लिए। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। पुलिस को उसके पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। लिहाजा पुलिस आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच कर रही है।