डॉक्टरों को फोन करके गैंगस्टर के नाम पर लाखों रुपये की रंगदारी मांगने वाले गिरोह का अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने पर्दाफाश किया है। बिहार के पूर्वी चंपारण के पहाड़पुर थानाक्षेत्र से आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता मिली है। पंजाब और बिहार पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई में इन्हें धर दबोचा है।
पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर पता लगा रही है कि इन लोगों ने अमृतसर और पंजाब में किन-किन डॉक्टरों को फोन करके पैसे की मांग की है। यह जानकारी पुलिस कमिश्नर अरुणपाल सिंह ने गुरुवार की शाम कमिश्नरेट पुलिस लाइन में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि गिरफ्तार साइबर अपराधियों की पहचान पूर्वी चंपारण (बिहार) की लुकारिया तहसील के गांव सिसवा मोजे निवासी प्रिंस कुमार (21) और पूर्वी चंपारण के थाना हरसिद्धि के गांव सेवाहण निवासी विकास कुमार (22) के रूप में हुई है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल फोन, सोशल मीडिया की जाली आईडी भी बरामद की गई है। एसीपी नार्थ प्रभजोत सिंह ने बताया कि आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है, ताकि इस गिरोह के अन्य गुर्गों का पता लगाकर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके और यह भी पता लगाया जा सके कि इन लोगों ने अमृतसर और प्रदेश में किन-किन डॉक्टरों को कॉल कर रंगदारी मांगी है।
उन्होंने बताया कि 29 जुलाई को मजीठा रोड थाना में डॉक्टरों को अज्ञात नंबर से गैंगस्टर के गुर्गे होने का दावा करते एक कॉल आई। आरोपी ने रंगदारी मांगी। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई 2022 को डॉ. रजनीश कुमार के मोबाइल फोन पर भी अज्ञात अंतरराष्ट्रीय नंबर से कई बार कॉल आई।
कॉल करने वाले ने खुद को गैंगस्टर का गुर्गा बताया और पांच लाख रुपये की रंगदारी मांगी। फोन करने वाले ने एक बैंक खाता नंबर भी दिया। पैसा नहीं जमा करवाने की सूरत में गंभीर नतीजों की धमकी दी। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि मामले की गंभीरता को देख इसकी जांच डीसीपी (डी. मुखविंदर सिंह भुल्लर) और एसीपी नार्थ प्रभजोत सिंह को दी गई।
मामले की जांच के दौरान सामने आया कि साइबर अपराध के गिरोह ने डॉ. रजनीश कुमार को कॉल की थी। इसके बाद मजीठा रोड थाने की पुलिस पार्टी ने बिहार के पहाड़पुर थानाक्षेत्र में दबिश दी। पंजाब पुलिस ने बिहार पुलिस के सहयोग से दो युवकों को गिरफ्तार किया है।