अस्पताल में बच्चे की मौत, लापरवाही का आरोप
परिजनों ने अस्पताल के बाहर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
तरनतारन।
अर्जुन अस्पताल में पौने दो वर्षीय लड़के की मौत होने पर गुस्साए परिजनों ने डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए रोष प्रदर्शन किया। साथ ही थाना सिटी पुलिस को शिकायत देकर अस्पताल प्रबंधन और डॉक्टरों पर केस दर्ज करने की मांग की है।
मोहल्ला गोकुलपुर निवासी नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उसने रविवार को अपने पौने 2 वर्षीय लड़के मयंक शर्मा को उल्टियां, दस्त होने पर अर्जुन अस्पताल में दाखिल करवाया था। मंगलवार को अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें कहा कि मयंक की सभी रिपोर्ट ठीक आई हैं। उसे बुधवार को छुट्टी दे दी जाएगी। मंगलवार देर रात मयंक की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। अस्पताल के डॉक्टरों सहित स्टाफ में से किसी ने भी उसका इलाज नहीं किया। परिजनों ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने मयंक को सुलाने के लिए नींद की गोलियों की हैवी डोज दे दीं। इससे उसका शरीर नीला पड़ गया है।
मंगलवार देर रात को 1:30 बजे अस्पताल प्रबंधन ने जवाब देते हुए कहा कि वह मयंक का इलाज नहीं कर सकते, उसे कहीं और ले जाया जाए। अस्पताल वालों ने अमृतसर के एक निजी अस्पताल का हवाला देते हुए मयंक को वहां पर रेफर कर दिया। अमृतसर से एंबुलेंस की गाड़ी आने में एक घंटा लग गया जिस दौरान मयंक की मृत्यु हो गई। इससे गुस्साए परिजनों ने बुधवार की सुबह अस्पताल प्रबंधन के बाहर डॉक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की और अस्पताल प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग की। नरेंद्र शर्मा ने बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत पुलिस को कर दी है। थाना सिटी के प्रभारी मनजिंदर सिंह ने कहा कि परिजनों की शिकायत मिल गई है। मयंक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। अर्जुन अस्पताल की डॉक्टर प्रभप्रीत कौर ने का कहना है कि मयंक के इलाज में कोई कसर नहीं छोड़ी गई थी। मयंक की मौत किस कारण हुई, इस बारे में अस्पताल प्रबंधन ने बात करने से मना कर दिया।