मेडिकल कॉलेजों में पहले और दूसरे वर्ष के छात्रों की कक्षाएं स्थगित कर दी गई हैं जबकि तीसरे और चौथे वर्ष की कक्षाओं को जारी रखा जाएगा। इसी तरह नर्सिंग कॉलेजों में पहले वर्ष के छात्रों की कक्षाएं 31 मार्च तक बंद कर दी गई हैं, लेकिन दूसरे वर्ष से नर्सिंग छात्रों की कक्षाएं जारी रहेंगी। आपात स्थिति से निपटने के लिए मेडिकल कॉलेजों के तीसरे और चौथे वर्ष के छात्रों को कोविड-19 रोगियों की देखभाल के लिए प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं।
विवाह और अंतिम संस्कार में सिर्फ 20 लोग जाएं
मंत्री ने कहा कि मंत्री समूह ने विवाह और अंतिम संस्कार जैसे समारोह के लिए लोगों की संख्या को 20 तक सीमित करने का भी निर्णय लिया है। ऐसे समारोहों के आयोजकों को हैंड वॉशिंग प्रोटोकॉल और उचित सफाई का पालन करने की सलाह दी गई है।
विदेश से आए लोगों के शरीर पर लगाई जाएगी मुहर
मंत्री समूह ने सभी प्रवासी भारतीयों और यात्रियों (जो बीते 15 दिनों के दौरान बाहर से आए हैं) के लिए होम क्वारेंटाइन प्रोटोकॉल को सख्ती से लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत उन्हें अपने घर पर ही 14 दिनों तक अलग-थलग रहने के लिए कहा गया है। ऐसे सभी एनआरआई और यात्रियों के शरीर पर अमिट (कई दिनों तक न मिटने वाली) स्याही से अनिवार्य रूप से मुहर लगाने का निर्णय लिया गया है ताकि उनके घर से बाहर जाने की स्थिति में उनकी पहचान की जा सके। मंत्री समूह ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि वह दूसरे देशों से आए किसी भी एनआरआई और यात्रियों के आने-जाने पर नजर रखें और लोगों की सुरक्षा के लिए उन्हें निगरानी में रखने के लिए आथॉरिटी को तुरंत सूचित करें।
पंजाब में स्कूली परीक्षाओं को स्थगित करने के साथ ही 31 मार्च तक अध्यापकों को भी छुट्टी पर भेजने का फैसला किया है। इस संबंध में पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बताया कि परीक्षाएं स्थगित करने के साथ ही सभी सरकारी, अर्ध सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के स्टाफ को 31 मार्च तक छुट्टी पर भेजा जा रहा है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग राज्य सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदमों के तहत पूरा सहयोग कर रहा है और जरूरत पड़ने पर स्कूलों की इमारतों को आईसोलेशन वार्डों में बदलने के लिए खाली किया जा सकता है। उधर, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुमार ने कहा है कि स्कूलों में जिन कक्षाओं की परीक्षाएं हो चुकी हैं।
उनके पेपर जांचने का काम अब अध्यापक घर बैठकर ही करेंगे और विभाग द्वारा समय-समय पर जारी होने वाली हिदायतों के अनुसार घर से काम जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जिन अध्यापकों की ड्यूटी पेपर जांचने के लिए लगाई गई है, वह उत्तर-पुस्तिकाएं अपने घर ले जाकर उनका मूल्यांकन करें।
पठानकोट। कोरोना वायरस के प्रकोप के बाद जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने पंजाब समेत अन्य राज्यों की बसों के राज्य में आने पर रोक लगा दी है। हालांकि प्राइवेट टैक्सी में पंजाब-जम्मू-कश्मीर सीमा स्थित लखनपुर में मेडिकल जांच के बाद आगे जाया जा सकेगा। जम्मू-कश्मीर प्रशासन द्वारा अचानक लिए गए इस फैसले के बाद पठानकोट के रास्ते विभिन्न राज्यों से आई बसों को माधोपुर से ही लौटा दिया गया।
जम्मू-कश्मीर की हद से जुड़ा पंजाब का आखिरी शहर होने के चलते लोग पठानकोट ही उतरे लेकिन पठानकोट बस स्टैंड से वीरवार को पंजाब रोडवेज की कोई भी बस या निजी आपरेटरों की बस जम्मू-कश्मीर के लिए रवाना नहीं हुई। जम्मू समेत अन्य शहरों को जाने वाले लोगों की भीड़ बस स्टैंड पर देखने को मिली।
जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने अपने प्रदेश के लोगों की भलाई के लिए बाहरी राज्यों की बसों पर रोक लगा दी है। 20 मार्च की रात 12 बजे से पूरे पंजाब में भी सरकारी और प्राइवेट बसों का संचालन बंद होगा।
- दर्शन सिंह गिल, जनरल मैनेजर, पंजाब रोडवेज, पठानकोट