सीएम के नाम ज्ञापन लेकर रिहा किया, शिवाला बाग भाइयां के पास घर में किया नजरबंद
संवाद न्यूज एजेंसी
अमृतसर। जमीन जायदाद की रजिस्ट्रेशन पर सरकार की ओर से जारी की गई एनओसी की नोटिफिकेशन के खिलाफ प्रदर्शन करने से पहले ही पुलिस ने पंजाब रियल एस्टेट डीलर्स एंड काॅलोनाइजर एसोसिएशन के कन्वीनर संजीव रामपाल को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने मुख्यमंत्री के नाम उनसे लिखित ज्ञापन ले लिया। मुख्यमंत्री भगवंत मान और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के अमृतसर से जाने के बाद उन्हें रिहा कर दिया।
पुलिस को शनिवार की रात जब पंजाब रियल एस्टेट डीलर्स एंड काॅलोनाइजर एसोसिएशन की ओर से ताज सवरणा में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के सामने नोटिफिकेशन की प्रतियां जलाने की योजना के बारे में पता चला तो एसीपी नाॅर्थ वरिंदर सिंह खोसा और एसीपी (डी) जतिंदर संजीव रामपाल के घर पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने रामपाल को समझाते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग देने और नोटिफिकेशन की प्रतियां न जलाने की सलाह दी। रामपाल ने कहा कि वह लोकतांत्रिक तरीके से शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। इसके बाद पुलिस ने उन्हें उनके घर में ही नजरबंद कर दिया।
सुबह 11 बजे काॅलोनाइजर एसोसिएशन सदस्य शिवाला बाग भाइयां के निकट स्थित रामपाल के घर पहुंचना शुरू हुए तो पुलिस ने उन्हें भी हिरासत में ले लिया और सिविल लाइन थाने ले गई। रामपाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान का जमीन-जायदाद पर एनओसी न लगने की घोषणा आम जनता के साथ धोखा है। जो नोटिफिकेशन जारी किया गया, आम जनता को उसका कोई लाभ नहीं होने वाला।
मुख्यमंत्री को चाहिए कि वह जमीन-जायदाद पर लगाई एनओसी खारिज करें। क्योंकि हर एक का सपना अपने सपनों का घर बनाने का होता है। मगर घर के लिए एनओसी लेने पर ही लाखों रुपये खर्च आ जाते हैं।