श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जून को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया जा चुका है। ऐसे में एसजीपीसी सदस्य मिट्ठू सिंह कानेके और जसवंत सिंह पुड़ैण की सीएम से मुलाकात पर श्री अकाल तख्त ने सख्त रूख अपनाया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात करने वाले एसजीपीसी के दो सदस्यों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज के आदेश के अनुसार एसजीपीसी सदस्य मिट्ठू सिंह कानेके और जसवंत सिंह पुड़ैण को 10 दिन के भीतर निजी तौर पर पेश होकर अपना स्पष्टीकरण देना होगा।
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जानकारी के अनुसार दोनों एसजीपीसी सदस्य बीते दिनों मुख्यमंत्री भगवंत मान से मिले थे। यह मुलाकात उस समय हुई, जब श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से मुख्यमंत्री भगवंत मान को 15 जून को ‘गुरु दोखी’ और ‘खालसा पंथ विरोधी’ घोषित किया जा चुका है। उस आदेश में संगत को मुख्यमंत्री से दूरी बनाए रखने के निर्देश दिए गए थे।
एसजीपीसी बैठकों में शामिल होने पर रोक
श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से जारी निर्देश के तहत दोनों सदस्यों पर एसजीपीसी की बैठकों में हिस्सा लेने की पाबंदी भी लगाई गई है। साथ ही उन्हें निर्धारित समय के भीतर व्यक्तिगत रूप से पेश होकर यह स्पष्ट करना होगा कि उन्होंने मुख्यमंत्री से मुलाकात किन परिस्थितियों में और किस उद्देश्य से की। मामले को लेकर अब दोनों सदस्यों के स्पष्टीकरण के बाद आगे की कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।