महाजन ने बताया कि जब महिला ने हाईकोर्ट में अपनी शिकायत दायर की तो फिरोजपुर पुलिस किसी और डॉक्टर से एमएलआर कटवाकर ले आई कि शरीर पर चोट नहीं थी। आरोप है कि जब पीड़िता फरीदकोट मेडिकल हॉस्पिटल में दाखिल थी तो इंस्पेक्टर राकेश कुमार (नंबर-59 एफआर) उसके पास आया था और उसे धमकाया था कि कोई शिकायत की तो अंजाम ठीक नहीं होंगे। इस बारे में उनके पास एक वीडियो भी है।
महाजन का कहना है कि पीड़िता उन सभी पुलिस मुलाजिम और अधिकारियों को जानती है, जो उस समय मौजूद थे जब उसे सीआईए स्टाफ में निर्वस्त्र कर थर्ड डिग्री दी जा रही थी। उसे उनके नाम नहीं मालूम लेकिन उसने कोर्ट से कहा कि यदि उसके सामने मुलाजिम और अधिकारी आएंगे तो वह उन्हें पहचान लेगी।
थाना कैंट पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर इंस्पेक्टर राकेश कुमार समेत अज्ञात बारह पुलिस अधिकारी व मुलाजिमों के खिलाफ धारा 167, 323, 343, 120 बी आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया है। हाईकोर्ट में 19 नवंबर को इस मामले की सुनवाई होगी। वहीं पुलिस सूत्रों के मुताबिक इस मामले में तत्कालीन एसएसपी रैंक, एसपी (डी) रैंक, डीएसपी रैंक, इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी भी नप सकते हैं।