नवजोत सिंह सिद्धू की छत से उतारा गया काला झंडा।
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पंजाब कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के घर की छत पर किसान आंदोलन के समर्थन में लगा काला झंडा शनिवार को उतार लिया गया। सिद्धू की बेटी राबिया ने किसानों के समर्थन में कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर 26 मई को अपने घर की छत पर काला झंडा लगाया था।
राबिया ने यह काला झंडा 26 मई 2021 को संयुक्त किसाना मोर्चा की ओर से कृषि कानूनों के खिलाफ काला दिवस मनाए जाने को लेकर लगाया था। नवजोत सिंह सिद्धू ने तब अपने पटियाला स्थित घर की छत पर काला झंडा लगाकर किसानों के समर्थन में आवाज बुलंद की थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा की। इसके बाद शनिवार को सिद्धू की घर की छत से काला झंडा उतार लिया गया है।
सिद्धू की बेटी राबिया पिछले दिनों से राजनीतिक तौर पर सक्रिय हैं। पिछले समय के दौरान वे अपने पिता के विधानसभा हलका पूर्वी (अमृतसर) में दो से तीन बार राजनीतिक गतिविधियों में शामिल हुईं। इस दौरान लोगों ने भी राबिया को सहयोग दिया। राबिया ने पूर्वी हलके में विकास कार्यों की शुरुआत की और लोगों से बातचीत भी की। राबिया ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर किसानों की बड़ी जीत हुई है तो वे अपने घर की छत से काला झंडा हटा रही हैं।
कृषि कानूनों की वापसी किसानों की जीत: सिद्धू
नवजोत सिंह सिद्धू ने कृषि कानूनों को वापस लेने की घोषणा को किसान संगठनों की जीत बताई। सिद्धू ने ट्वीट किया कि काले कानूनों को निरस्त करना सही दिशा में एक कदम है। नवजोत सिद्धू ने कहा कि श्री गुरु नानक देव जी की जयंती पर पीएम मोदी ने अपनी गलती स्वीकार की। पंजाब को माफ कर देना चाहिए क्योंकि एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। इस जीत का श्रेय लेने की कोशिश किसी को नहीं करनी चाहिए, यह सब संयुक्त किसान मोर्चा के सत्याग्रह को जाता है। उन्हें बदनाम करने की कोशिश की गई लेकिन वे डटे रहे।