अमृतसर के गांव जगदेव कलां में रविवार रात करीब 11 बजे जीआरपी के एएसआई सुखचैन सिंह पर फायरिंग हुई थी। सुखचैन सिंह ने अपनी भाभी गुरप्रीत कौर पर हमला करवाने का शक जताया था। पुलिस ने गुरप्रीत कौर और अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। अब मामले में नया मोड़ आ गया है।
अमृतसर में जीआरपी में तैनात एएसआई सुखचैन सिंह पर हुए हमले के मामले में ‘तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान’ नाम के संगठन की ओर से जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया है।
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संगठन की ओर से जारी प्रेस रिलीज में हमले को ‘ऑपरेशन नूर’ के तहत की गई कार्रवाई बताया गया है। साथ ही पुलिसकर्मियों और सरकारी कर्मचारियों को आगे भी निशाना बनाने की धमकी दी गई है। हालांकि, संगठन की ओर से किए गए इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
प्रेस रिलीज में पुलिसकर्मियों को लेकर धमकी भरी भाषा का इस्तेमाल किए जाने का दावा है। इसमें कहा गया है कि पुलिसकर्मी वर्दी में हों या सादे कपड़ों में, उनकी पहचान की जा सकती है। संगठन ने पुलिसकर्मियों के बारे में जानकारी होने का भी दावा किया है। इसके साथ ही एक-एक करके पुलिसकर्मियों को निशाना बनाने की धमकी देने और हमले से संबंधित वीडियो जल्द जारी करने की बात कही गई है।
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एसएसपी ने भाभी पर जताए संदेह की बात कही थी
इससे पहले अमृतसर ग्रामीण के एसएसपी कंवलप्रीत सिंह चहल ने बताया था कि एएसआई सुखचैन सिंह के बयान दर्ज किए गए हैं। एएसआई ने पुलिस को बताया था कि उसे शक है कि उसकी भाभी गुरप्रीत कौर ने उस पर हमला करवाया है। पुलिस उस समय मामले की जांच सभी पहलुओं से कर रही थी।