बटाला के डेरा रोड पर स्थित एसबीआई के सामने लगी लोगों की लंबी लाइन।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी के बाद देश की जनता से पचास दिन की मोहलत मांगी थी। पचास दिन बाद हालत में कुछ खास तबदीली नहीं आई है। बुधवार को लोग बैंकों के बाहर लाइनों में एक दूसरे धक्कामुुक्की करते रहे। वहीं एटीएम व्यवस्था पूरी तरह से ठप पड़ी है।
आलम यह है कि बैंकों के खुलने का समय दस बजे का है और लोग सुबह 6 बजे ही बंद बैंकों के सामने लाइनों में खड़े हो जाते हैं। क्षेत्र के एटीएम तो चल ही नहीं रहे है। मात्र डेरा रोड पर स्थित एसबीआई का एटीएम ही चल रहा है। बटाला के दो से तीन बैंक ही ग्राहकों को निश्चित सीमा के तहत राशि दे रहें है। अन्य बैंक किसी को दो हजार या पांच हजार से अधिक पैसे नही दे रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों के बैंकों में भी हालात पहले की तरह ही हैं। सबसे लबी लाइनें एसबीआई के सामने लगती है। यहां अन्य बैंकों की तुलना में इस खाता धारकों की गिनती बहुत ज्यादा है। दूसरी तरफ बैंक की लाइन में लगे संदीप सिंह और निर्मल सिंह वासी बटाला ने बताया कि बैंकों में पहले से थोड़ा सा सुधार हुआ है।
उन्होंने बताया कि हालात तब तक सामान्य नही हो सकते जब तक एटीएम में कैश नहीं डाला जाता। बैंक मैनेजर अजय शर्मा ने बताया कि पहले से करीब 40 प्रतिशत हालात ठीक हुए हैं। उन्होंने बताया कि अब लोग बैंकों में नई करेंसी जमा करवा रहें हैं। ऐसी ही बैंकों में पैसा वापस आने लगा तो जल्द ही हालात सामान्य हो जाएंगे और लोगों की मुश्किलें समाप्त हो जाएंगी।