डीसी दफ्तर पहुंचे हादसे के पीड़ित परिवारों के सदस्य।
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अमृतसर के जोड़ा फाटक के पास 19 अक्टूबर 2018 को दशहरा पर्व पर हुई दर्दनाक मौतों के बाद पीड़ित परिवारों को करीब पौने तीन साल बाद इंसाफ मिला है। अमृतसर जिला प्रशासन ने 34 पीड़ित परिवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे हैं। रामानंद बाग निवासी आरती शर्मा ने बताया कि उन्होंने हादसे में अपने भाई रोहित शर्मा को खोया था। तब सरकार ने नौकरी देने का वादा किया, जो करीब पौने तीन साल बाद पूरा हुआ है।
जोड़ा फाटक निवासी दीपक कुमार का कहना है कि हादसे में उनके पिता गुरिंदर कुमार की मौत हुई थी। आज तक वह नौकरी के लिए भटक रहे थे। अब जाकर डीसी कार्यालय में उन्हें क्लर्क की नौकरी मिली है। वेरका की अमन ने बताया कि हादसे में उनके पति विकास कुमार की जान गई थी। उन्हें डीसी कार्यालय में सेवादार की नौकरी मिली है।
डीसी कार्यालय में नौ और निगम में 10 को मिली नौकरी
सरकार के आदेश के बाद सोमवार को डीसी कार्यालय में कुल नौ लोगों को नियुक्ति पत्र सौंपा। इनमें से दो को क्लर्क जबकि बाकी को सेवादार की नौकरी पर रखा गया है। इसी तरह नगर निगम में 10, पंजाब स्कूल शिक्षा विभाग में 10, सिविल सर्जन दफ्तर में चार तथा इंप्रूवमेंट ट्रस्ट कार्यालय में एक व्यक्ति को नौकरी दी गई है।
सिविल इंजीनियर करेगा सेवादार की नौकरी
पंजाब में युवा पढ़-लिख कर नौकरियों के लिए धक्के खा रहे हैं। इसका उदाहरण शिवदीप सिंह हैं। सिविल इंजीनियरिंग का डिप्लोमा करने वाला यह युवक शिक्षा विभाग में बतौर सेवादार नौकरी करेगा। मोहकमपुरा निवासी शिवदीप सिंह के भाई अमृतपाल सिंह की रेल हादसे में जान गई थी। पंजाब सरकार ने उस दौरान पीड़ित परिवारों में एक-एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया था तो शिवदीप सिंह भी अच्छी नौकरी की आस में था। अब सेवादार के पद पर नौकरी करना शिवदीप सिंह की मजबूरी बन गया है।
नौकरी के लिए भटक रहे कई परिवार
रेल हादसे के कई पीड़ित परिवार आज भी नौकरी के लिए भटक रहे हैं। डीसी दफ्तर पहुंचे राजेश कुमार ने बताया कि हादसे में उनके पिता बलदेव सिंह गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। हादसे के करीब दो माह बाद उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। नौकरी के लिए उन्होंने चार बार फाइल लगाई। तीन बार तो फाइल की कोई जानकारी ही नहीं मिली। अब चौथी बार फाइल तीन महीने से डीसी कार्यालय के एमए विभाग में पड़ी है। उन्होंने डीसी से गुहार लगाई कि जिस तरह अन्य पीड़ित परिवारों को नौकरी मिली है, उसी तरह उन्हें भी नौकरी दी जाए।