मंत्री ओमप्रकाश सोनी की कोठी के बाहर धरने पर बैठे अध्यापक पंजाब सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए?
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अमृतसर। सर्व शिक्षा अभियान और मिड डे मील दफ्तर कर्मचारी यूनियन के सदस्यों ने रविवार को कैबिनेट मंत्री ओपी सोनी के खिलाफ रोष जताकर नारेबाजी की। एसएसए अध्यापक यूनियन के जिला प्रधान विकास कुमार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने पहले नहरी विभाग के दफ्तर के सामने से पैदल मार्च निकाला और सोनी की कोठी के बाहर रोष जताने पहुंचे। उनका कहना था कि कैप्टन सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों से एसएसए अध्यापकों और कर्मचारियों को खोखले वादे के सिवा कुछ नहीं दिया। उन्होंने सरकार के मंत्रियों और विधायकों के लिए खोखले वादों का अवार्ड ही शुरू कर दिया है। इस कड़ी के तहत वह सोनी की कोठी पर पहुंचे तो मंत्री ने उन्हें समझाते हुए ऐसा नहीं करने को कहा और भरोसा दिया कि वे उनकी मांगें संबंधित कमेटी तक पहुंचाकर उनकी समस्याएं हल करेंगे।
एसएसए के जिला प्रधान विकास कुमार, आशीष जुलाहा, राजिंदर सिंह संधा, हरप्रीत सिंह, सरबजीत सिंह और गौरव शर्मा ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार की तरह कांग्रेस सरकार का भी जंगलराज ही रहा। कांग्रेस सरकार ने पिछले साढ़े चार साल के दौरान अपने कर्मचारियों को बहानों के सिवा कुछ नहीं दिया। कैप्टन ने विधानसभा चुनावों से पहले अपने मैनिफेस्टो में कैबिनेट की पहली बैठक में ही कच्चे मुलाजिमों को पक्के करने की बात कही, मगर सरकार बनते ही गिरगिट की तरह रंग बदल लिया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में कैबिनेट मंत्री ओपी सोनी को एक मांग पत्र भी दिया।
उन्होंने कहा कि सरकार ने 8886 अध्यापकों को तो रेगुलर किया मगर अध्यापकों से पहले काम कर रहे दफ्तरी मुलाजिमों को पक्का करने में कैप्टन सरकार टालमटोल वाली नीति पर चलती रही। उन्हें पक्का करने के बजाय वेतन में कटौती कर दी और दूर-दूर तबादले कर दिए। इसके खिलाफ ही उन्होंने मंत्रियों की रिहायश के बाहर रोष धरने देने और मंत्रियों को खोखले वादों का अवार्ड देने का कार्यक्रम शुरू किया। इसकी अगली कड़ी में 31 जुलाई 2021 को वे पटियाला में कैबिनेट मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा की कोठी का घेराव कर उन्हें खोखले वादों का अवार्ड देंगे।