13 दिसंबर को स्कूल के दसवीं कक्षा के एक नाबालिग ने दूसरी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था। आरोपी नाबालिग था इसलिए पुलिस ने उसे जुवेनाइल जेल में भेज दिया था। इस मामले के बारे में जब स्कूल में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों को पता चला तो उन्होंने स्कूल के विरुद्ध मोर्चा खोल दिया।
सोमवार को अभिभावकों ने अमृतसर-जालंधर हाईवे जाम कर दिया था। एसएसपी दुग्गल के आश्वासन पर अभिभावकों ने अपना धरना खत्म किया था। इसके बावजूद गुस्साए अभिभावकों ने दूसरे दिन भी धरना जारी रखा। अभिभावकों की मांग है कि स्कूल के भीतर उनके बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
शिअद ने स्कूल प्रबंधन पर केस दर्ज करने की मांग
शिरोमणि अकाली दल ने स्कूल में आठ साल की बच्ची के साथ हुए दुष्कर्म के मामले को छिपाने की कोशिश करने के लिए स्कूल की मैनेजमेंट के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है। शिअद ने उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की है, जिन्होंने इस मामले को छिपाने की कोशिश की।
पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि न्याय के लिए सड़कों पर आंदोलन कर रहे स्कूली छात्रों के अभिभावकों को स्कूल मैनेजमेंट के इशारे पर पुलिस अधिकारियों द्वारा धमकाने की बात भी सामने आई है। यह बेहद निंदनीय है। इन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके लिए ब्यास पुलिस स्टेशन के इंचार्ज और स्थानीय डीएसपी को बर्खास्त करने के अलावा उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।
अकाली नेता ने कहा कि कांग्रेस के शासन में महिला अत्याचारों में काफी बढ़ोतरी हुई है। कांग्रेसी मंत्रियों ने गैंगस्टरों को खुली छूट दे रखी है, जिसके कारण कानून-व्यवस्था चरमरा गई है। उन्होंने कैप्टन अमरिंदर सिंह से आग्रह किया कि वह महिलाओं के खिलाफ हो रहे आपराधिक मामलों में तत्काल केस दर्ज करवाने की व्यवस्था करें।