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‘भुल्लर के मामले में कोई राजनीति न करे’

Tue, 16 Jun 2015 10:10 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, अमृतसर
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गुरुनानक देव अस्पताल के श्री विवेकानंद नशा छुड़ाओ केंद्र में भर्ती दविंदर पाल सिंह भुल्लर से मंगलवार को अकाल तख्त के पूर्व जत्थेदार जसबीर सिंह रोडे ने मुलाकात की। इस दौरान भुल्लर की पत्नी नवनीत कौर और उसके भाई महल सिंह, दर्शन सिंह मौजूद रहे। भुल्लर के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने भी उनका हालचाल पूछा।
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पूर्व जत्थेदार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस मुद्दे को लेकर किसी पार्टी को राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरकार को उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाकर भुल्लर को पैरोल पर रिहा कराना चाहिए।

उन्होंने बताया कि देश की जेलों में कई ऐसे सिख कैदी हैं जो अपनी सजा काट चुके हैं, लेकिन उन्हें रिहा नहीं किया जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार को उचित कदम उठाकर उन्हें रिहा करने के लिए हरसंभव कार्रवाई करनी चाहिए।
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रिहाई के लिए करेंगे हरसंभव कोशिश
भुल्लर के वकील जसपाल सिंह मंझपुर ने कहा कि भुल्लर जेल में बीस साल से है। 2001 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे फांसी की सजा सुनाई थी लेकिन उनकी पत्नी ने दोबारा अपील दर्ज कर कहा था कि भुल्लर अपना दिमागी संतुलन खो चुका है, इसलिए इसकी फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया जाए।

अदालत ने याचिका मंजूर कर भुल्लर की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों से 15 जुलाई को जवाब मांगा जिसमें पूछा गया है कि उनके राज्यों में कितने ऐसे कैदी है जिनकी उम्रकैद की सजा पूरी हो चुकी है लेकिन कैदी अब भी जेल में हैं।
उनके द्वारा इसमें भुल्लर की याचिका भी दायर की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि कोर्ट भुल्लर को अवश्य पैरोल पर छोड़ देगा।

पहले तबीयत सुधरे, फिर पैरोल की सोचेंगे
भुल्लर की पत्नी ने बताया कि उनके पति की सेहत में पहले सुधार आए, फिर उनके पैरोल के बारे में सोचा जाएगा। अटेंडेंट के बारे में उन्होंने कहा कि अगर जेल प्रशासन द्वारा भुल्लर की देखभाल के लिए नर्स नियुक्त करता है तो इससे बेहतर वे खुद उनकी देखभाल कर सकती हैं। वह जल्द ही जेल प्रशासन को एक पत्र लिखकर देंगी जिसमें वह भुल्लर के लिए खुद अटेंडेंट बनने के लिए अनुरोध करेंगी।

सुरक्षा से मरीज परेशान
भुल्लर की सुरक्षा के कारण गुरुनानक देव अस्पताल आने वाले मरीजों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मरीज को अगर अस्पताल के अंदर दवाई लेने के लिए जाना होता है तो इसके लिए उन्हें सुरक्षा में तैनात पुलिस कर्मियों से अनुमति लेनी पड़ती है।

सुखविंदर सिंह निवासी जंडियाला, हरचरण निवासी ब्यास, विकास निवासी मत्तेवाल, बलवीर निवासी हरछाछीना ने बताया कि पुलिस अधिकारी अस्पताल की औषधि वार्ड से दवाई लेने के लिए भी नहीं जाने देते हैं। कहते हैं अगर दवाई लेनी है तो दोपहर बाद आएं।

भुल्लर की सेहत का ध्यान रखने के लिए डॉक्टरों की विशेष टीम है। इसके अलावा भुल्लर को पौष्टिक आहार दिए जा रहे हैं, जिससे उसकी सेहत में जल्द सुधार आ सके।
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डॉ. पीडी गर्ग
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