ऐसा बयान देना गलत और आश्चर्यजनक
ज्ञानी अमरजीत सिंह ने कहा कि ब्लैकआउट के दौरान किसी भी गुरु स्थान, जहां अनुष्ठान किए जाते हैं वहां की लाइटें बंद नहीं की गईं। सिंह साहिब ने कहा कि भारतीय सेना के अधिकारी ने ऐसा बयान क्यों दिया, यह तो वे ही स्पष्ट कर सकते हैं, लेकिन ऐसा कहना बहुत गलत और आश्चर्यजनक है। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी के तौर पर वह इस बात पर जोर दे रहे हैं कि सेना को तोपें लगाने की कोई अनुमति नहीं दी गई थी।
सेना के अधिकारियों से नहीं हुआ कोई संपर्क- धामी
सेना अधिकारी के इस बयान के बारे में शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने कहा कि सरकार और जिला प्रशासन ने ब्लैकआउट के दौरान लाइट बंद करने के लिए उनसे संपर्क किया था, जिसमें हमने प्रशासनिक जिम्मेदारी समझते हुए पूरा सहयोग किया था। श्री हरिमंदिर साहिब में एयर डिफेंस गन लगाने के संबंध में भारतीय सेना के अधिकारियों से कोई संपर्क नहीं किया गया है।
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ब्लैकआउट के दौरान भी हरिमंदिर साहिब में आए थे श्रद्धालु
उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने के लिए अतिरिक्त मुख्य ग्रंथी ज्ञानी अमरजीत सिंह के परामर्श से केवल बाहरी लाइटें बंद की गईं। एडवोकेट धामी ने कहा कि ब्लैकआउट के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्री हरिमंदिर साहिब में माथा टेकने और सेवा करने के लिए आते रहे और यदि एयर गन लगाने जैसी कोई घटना घटित होती तो श्रद्धालु अवश्य इसे देखते और इसका संज्ञान लेते। यह आश्चर्य की बात है कि एक सैन्य अधिकारी इस तरह की बात को क्यों बढ़ावा दे रहे हैं। भारत सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि सेना के अधिकारी इस तरह के बयान क्यों दे रहे हैं। हाल ही में पैदा हुए तनावपूर्ण हालात में देश और सेना ने जो भूमिका निभाई है, वह सराहनीय है, लेकिन सिखों के प्रमुख धार्मिक स्थल के बारे में कई दिनों के बाद इस तरह की गलत जानकारी फैलाना आश्चर्यजनक है। शिरोमणि कमेटी के अध्यक्ष के तौर पर एडवोकेट धामी ने स्पष्ट किया कि एयर डिफेंस सिस्टम लगाने की कोई इजाजत हरिमंदिर साहिब परिसर में नहीं दी गई है।
बंदूकें रखने के बारे में नहीं हुई कोई चर्चा
श्री हरिमंदिर साहिब के हेड ग्रंथी ज्ञानी रघबीर सिंह ने भी स्पष्ट किया कि हालांकि जब सैन्य अभियान चल रहा था, तब वह विदेश दौरे पर थे, लेकिन उस दौरान बंदूकें रखने के बारे में उनसे कोई चर्चा नहीं हुई और न ही श्री हरिमंदिर साहिब में ऐसा कुछ हुआ। ज्ञानी रघबीर सिंह ने सैन्य अधिकारी के बयान को आश्चर्यजनक बताया है।
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