लुधियाना में भाजपा दफ्तर का घेराव करने पहुंचे आप वर्करों ने तोड़े बैरिकेड
1984 के सिख दंगों के दोषी सज्जन कुमार की अंतिम यात्रा में भाजपा के तीन सांसदों की मौजूदगी को लेकर पंजाब में सियासी पारा चढ़ गया है। इस मामले पर आप ने सूबे के लुधियाना, जालंधर, अमृतसर और बठिंडा में आक्रामक विरोध प्रदर्शन करते हुए भाजपा कार्यालयों को घेरने का प्रयास किया।
लुधियाना में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की ओर से लगाए गए सुरक्षा घेरे को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी दाना मंडी स्थित भाजपा कार्यालय की ओर कूच करने लगे, जिन्हें रोकने के दौरान पुलिसकर्मियों और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस देखने को मिली। जब प्रदर्शनकारी दफ्तर के करीब पहुंचे, तो वहां मौजूद भाजपा कार्यकर्ता भी आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच जोरदार नारेबाजी और तनातनी का माहौल बन गया, हालांकि पुलिस ने समय रहते भाजपा कार्यकर्ताओं को परिसर के अंदर ही सीमित रखकर किसी बड़े टकराव को टाल दिया।
स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए लुधियाना में पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। विरोध प्रदर्शन में स्थानीय विधायकों और पार्षदों की मौजूदगी की संभावना के चलते दाना मंडी स्थित भाजपा दफ्तर के आसपास भारी पुलिस बल तैनात किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारू रखने और शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने दफ्तर से आधे किलोमीटर दूर दोनों दिशाओं में मजबूत बैरिकेडिंग कर दी थी।
प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी के प्रमुख नेताओं ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि वर्ष 1984 का सिख नरसंहार पंजाब के लोगों और सिख समुदाय के सीने पर ऐसा घाव है जो कभी नहीं भर सकता। न्यायपालिका द्वारा गुनहगार ठहराए गए शख्स की अंतिम यात्रा में शामिल होकर भाजपा सांसदों ने जो रुख दिखाया है, उसने सिख समाज की संवेदनाओं पर नमक छिड़कने का काम किया है। इस कृत्य से भारतीय जनता पार्टी का सिख विरोधी चरित्र जनता के सामने पूरी तरह बेनकाब हो गया है।
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम पर पलटवार करते हुए भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि पंजाब में मौजूदा सरकार के केवल तीन महीने शेष बचे हैं, जिसके बाद राज्य की जनता इस शासन को सत्ता से बेदखल कर सबक सिखाएगी।