कुछ दिन पहले अफगानिस्तान में हुए हमले के बाद कुछ अफगानिस्तानी सिख परिवार भारत पहुंचे हैं। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने गुरुवार देर शाम भारत पहुंचे 11 सिख परिवारों का स्वागत किया। इनका हवाई सफर का खर्च शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने अदा किया है। एलान किया गया कि इन सिख परिवारों की और आर्थिक मदद की जाएगी।
बता दें कि अफगानिस्तान की सरकार ने वहां के सिखों को विशेष ई-वीजा की सुविधा दी है। इसके तहत कोई भी सिख जो खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है वह भारत जा सकता है। एसजीपीसी अध्यक्ष के आदेश पर एसजीपीसी के सदस्य अमरजीत सिंह चावला, उप सचिव सिमरजीत सिंह, बीबी रणजीत कौर दिल्ली और सिख मिशन दिल्ली के प्रभारी सुरेंद्र पाल सिंह ने अफगानिस्तान से आए सिखों का स्वागत किया।
एसजीपीसी के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी के निर्देश पर एसजीपीसी के अधिकारियों ने एलान किया कि जो भी सिख अफगानिस्तान से भारत आएंगे, उनका हवाई खर्च एसजीपीसी उठाएगी। भारत पहुंचे 11 सिखों के पहले जत्थे के लिए एसजीपीसी ने दो लाख 86 हजार रुपये की राशि अदा की है।
दिल्ली हवाई अड्डे पर अफगानी सिखों के स्वागत के लिए पहुंचे एसजीपीसी के अमरजीत सिंह चावला ने कहा कि कमेटी ने वादा किया था कि वे अफगानिस्तान के सिखों को अपने खर्च पर भारत लाएगी।
इन सिखों में गुरुद्वारे में हमले के दौरान घायल हुए एक सिख भी शामिल हैं। जत्था अपने साथ अफगानिस्तान में हमले के दौरान मारे गए सिखों की अस्थियां भी लेकर आया है। चावला ने बताया कि इन सिखों को गुरुद्वारा श्री गुरु अर्जुन देव जी दिल्ली में विश्राम के लिए ठहराया है। यहां बड़ी संख्या में संगत ने उनका स्वागत किया। काबुल से आए सिखों में मनमोहन सिंह, घायल हुए रघुबीर सिंह, जगमीत सिंह, अजमीत सिंह, बलदेव सिंह, सुरिंदर सिंह, सुरबीर सिंह, राजवंत सिंह शामिल हैं। दिल्ली में अफगानी सिखों के नेता कुलजीत सिंह, शैबल सिंह, प्रताप सिंह, ईरा सिंह, मनोहर सिंह, हरभजन सिंह और मानसा राम भी मौजूद रहे।