-अनुमानित नुकसान 3 करोड़, एफसीआई ने रिकवरी प्रक्रिया शुरू की
-कर्मचारियों पर धारा 408 और 120-बी के तहत कार्रवाई
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मोगा। पंजाब के मोगा जिले के अजीतवाल स्थित हर्ष एग्रो वेयरहाउस में सरकारी चावल के स्टॉक में बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में कुल 9,283 बोरियों (50 किग्रा प्रति बोरी) की कमी पाई गई। मामले में ग्लोबल वेयरहाउस ट्रेडिंग कंपनी के चार कर्मचारियों अजय कुमार शर्मा (पूर्व स्टेशन मैनेजर), मनमोहन सिंह (पूर्व गोदाम इंचार्ज), तेजिंदर मोहन (गोदाम इंचार्ज) और साहिल कुमार (कंडा ऑपरेटर) के खिलाफ धारा 408 (आपराधिक विश्वासघात) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया।
एफसीआई ने चोरी गई बोरियों की रिकवरी शुरू कर दी है। बाजार कीमत के अनुसार, इस घोटाले से सरकार को लगभग 3 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। जांच में पता चला कि कर्मचारियों ने निजी लाभ के लिए स्टॉक का योजनाबद्ध दुरुपयोग किया। अक्टूबर 2025 तक लगभग 12,450 बोरियां कम पाई गई थीं, जिनकी अनुमानित कीमत 2.60 करोड़ रुपये आंकी गई, जबकि 40 लाख रुपये का अतिरिक्त भंडारण नुकसान भी दर्ज किया गया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी तेजिंदर मोहन और साहिल कुमार पहले अन्य गोदाम में चोरी के मामले में पकड़े गए थे, फिर नौकरी से बर्खास्त होने के बाद हर्ष एग्रो चूडचक्क गोदाम में बहाल कर दिए गए। 30–31 मार्च 2024 को फिजिकल वेरिफिकेशन में शैड नंबर 6 में भारी कमी पाई गई, जबकि अन्य शैड में स्टॉक पूरा था। यह मामला सरकारी स्टॉक की सुरक्षा और कर्मचारियों की जवाबदेही पर सवाल खड़ा करता है।
विभागीय कार्रवाई की सिफारिश
जांच रिपोर्ट में ड्यूटी में लापरवाही बरतने पर पनग्रेन विभाग के इंस्पेक्टर बचित्र सिंह और अमित कुमार के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश की गई है। पुलिस आरोपी कर्मचारियों की तलाश में जुटी हुई है और जल्द गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है।
कर्मचारियों की भूमिका
-अजय कुमार शर्मा: पहले सोमा वेयरहाउस में स्टेशन मैनेजर, बाद में आईटी असिस्टेंट।
-मनमोहन सिंह: गोदाम इंचार्ज।
-तेजिंदर मोहन व साहिल कुमार: पहले अन्य गोदाम में चोरी के मामले में पकड़े गए, बाद में बहाल।